Gopesh Ji Sansar Vasi
शब्द स्वरूपी राम हमारा तेरे बिना मेरा कोई न सहारा
मेरे दिल में लगन लग रही शब्द स्वरूपी राम की
उसे सतगुरु ने रटले जिसने घड़दी तेरी काया
नर चेतले बुढ़ापा आवेगा सब दिन ना रहे जवानी
August 11, 2025
August 11, 2025
August 10, 2025
August 10, 2025
मेरे दिल में लग्न लग रही शब्द स्वरूपी राम की
लगा ले अपने चरणों में जानकर दास तू अपना ( रुहानी सत्संग गंगवा धाम हिसार)
रूकजा रे मन पापी रूकजा सतगुरु के चरणों में झुकजा
ले ले सतगुरु जी का नाम नै भुलाना ना चाहिए
तेरा चोला अनमोल व्यर्था खोवै मतना
July 16, 2025
July 11, 2025
July 11, 2025
July 11, 2025
July 7, 2025
June 24, 2025
June 2, 2025
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May 28, 2025
May 28, 2025
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May 12, 2025
May 10, 2025
May 10, 2025
तन के अंदर देख तुम्हारे बोल रहा अविनासी
राम आएंगे
श्री गणेश वंदना