HARYANVI FOLK
भात के गीत || हरियाणवी नॉन स्टॉप || स्वर- रोशन सहरावत
तेरी मेरी यारी हो बालम || हरियाणवी सांस्कृति ग्रामीण आँचल सभ्य लोकगीत
मेरा पति हठीला सै || हरियाणवी सांस्कृति ग्रामीण आँचल सभ्य लोकगीत
खड़या-खड़या ऐ वो फौजी देखै || हरियाणवी सांस्कृति ग्रामीण आँचल सभ्य लोकगीत
होलर का दादा || हरियाणवी सांस्कृति ग्रामीण आँचल सभ्य लोकगीत
सेजां ऊपर आया ऐ बंदड़ा || हरियाणवी सांस्कृति ग्रामीण आँचल सभ्य लोकगीत
मेरे राजा जी हिलावे हाथ || हरियाणवी सांस्कृति ग्रामीण आँचल सभ्य लोकगीत
फेर भी रसीली गेड़ा लाइए रै बाग मैं || हरियाणवी सांस्कृति ग्रामीण आँचल सभ्य लोकगीत
रे बीरा थाली नहीं परांत भात पल्लू मै लुंगी रे || हरियाणवी सांस्कृति ग्रामीण आँचल सभ्य लोकगीत
फोन एप्पल का दवा दे हो नणन्दी के बीरा || हरियाणवी सांस्कृति ग्रामीण आँचल सभ्य लोकगीत
सबकी भैंस जौहड़ पै जाली || हरियाणवी सांस्कृति ग्रामीण आँचल सभ्य लोकगीत
मेरा पति हो घणी दारू पीवै || हरियाणवी सांस्कृति ग्रामीण आँचल सभ्य लोकगीत
तू तो री भाबी सुथरी घनी सै || हरियाणवी सांस्कृति ग्रामीण आँचल सभ्य लोकगीत
लगया करण अंघाई || हरियाणवी सांस्कृति ग्रामीण आँचल सभ्य लोकगीत
गड़रिये का सांझे सोगया || हरियाणवी सांस्कृति ग्रामीण आँचल सभ्य लोकगीत
पिया हम भी चालां साथ आवांगे किला भरकै || हरियाणवी सांस्कृति ग्रामीण आँचल सभ्य लोकगीत
मैं डरगी-डरगी हे || हरियाणवी सांस्कृति ग्रामीण आँचल सभ्य लोकगीत
आई करवाचौथ की मैं व्रती थी || हरियाणवी सांस्कृति ग्रामीण आँचल सभ्य करवाचौथ लोकगीत
आया आया ऐ सुहाग त्यौहार || करवाचौथ गीत || हरियाणवी सांस्कृति ग्रामीण आँचल सभ्य लोकगीत
गुरप्रीत कौर के 5 लोकप्रिय करवाचौथ गीत || हरियाणवी सांस्कृति ग्रामीण आँचल सभ्य लोकगीत
यु कालिया पढण नै जारया सै || हरियाणवी सांस्कृति ग्रामीण आँचल सभ्य लोकगीत
सासु लड़-मत लड़-मत न्यारी करदे || हरियाणवी सांस्कृति ग्रामीण आँचल सभ्य लोकगीत
एक परदेसी छोरे नै मेरे मैं बोली मार देइ || हरियाणवी सांस्कृति ग्रामीण आँचल सभ्य लोकगीत
पीहर मै कदे काम कर्या ना || हरियाणवी सांस्कृति ग्रामीण आँचल सभ्य लोकगीत
बीरा ऐसी जुत्ती ल्यादे रे पंजे पै मोरणी चार || हरियाणवी सांस्कृति ग्रामीण आँचल सभ्य लोकगीत
सास मेरी का सर भड़कै सै || हरियाणवी सांस्कृति ग्रामीण आँचल सभ्य लोकगीत
बिना बुलाये मत आइये ननन्द री || हरियाणवी सांस्कृति ग्रामीण आँचल सभ्य लोकगीत
बीर मैं तो भेली ल्याई रे || हरियाणवी सांस्कृति ग्रामीण आँचल सभ्य लोकगीत
कुंडी मैं काली नाग || हरियाणवी सांस्कृति ग्रामीण आँचल सभ्य लोकगीत
कटया रूप पै चाला || हरियाणवी सांस्कृति ग्रामीण आँचल सभ्य लोकगीत