गजेंद्र सिंह लीखवा
Haryanvi ragani .
सूर्य कवि पंडितDada Lakhmi chand,
Baje bagat जी, दादा mange ram , पंडितjagan nath ,dhanpat singh nigana, dayachand myna,jat mehar singh एवं अन्य कवियों द्वारा रचित सांग एवं किस्सा के साथ फुटकर रागनियां जो निम्नलिखित कलाकारों द्वारा गाई गई है-
राजकिशन अगवानपुरिया, बाहु, पाले राम, सते फरमानिया, सुनील दुजानिया, मास्टर सतवीर, रणवीर सिंह बड़वासनिया, प्रदीप रानीला, बाली शर्मा, राजेंद्र सिंह खरकिया, सरिता चौधरी, वीरपाल सिंह खरकिया, दिलेर सिंह खरकिया, मधु शर्मा, नीलम चौधरी, सुदेश शर्मा, राजबाला, सपना चौधरी, आरसी उपाध्याय, विकास पासौर, मुनिगर, नरेंद्र तोय दादरी, आजाद सिंह खांडा, सुखबीर सिंह बलंबिया एवं जाने माने कलाकार।
AANKH KATILI MUH BATUA SA THI CHANDRMA SI SAN - RAJENDRA SINGH KHARKIYA
Kids in park
Cocking practice by kids
Sarita Chaudhary ki hit ragani - sute ne utha du te kade uth ke ladai karde (rewari compition)
करा गोल गोफिया तैयार -सरिता चौधरी
Hariyana ki badh 1995 RAJENDRA KHARKIYA
आए
काली
छह बेटाे की चोट कालजे रड़के। कृष्ण जन्म। राजेंद्र सिंह खरकिया
होए का उमंग ना, मरे का शौक। कृष्ण जन्म। राजेंद्र सिंह खरकिया
मत ना मार तेग, बिगड़ जा नेग। कृष्ण जन्म। राजेंद्र सिंह खरकिया
केस पकड़ के तले गेरली बैठ गया गोड्डा धरके। कृष्ण जन्म। राजेंद्र सिंह खरकिया
कंस मूर्ख पता नहीं तू किसका बनरा गड़वाला।। कृष्ण जन्म। राजेंद्र सिंह खरकिया
शूरसेन के टिक्का लेकर पहुंच गए बामन नाई। कृष्ण जन्म। राजेंद्र सिंह खरकिया
धूने पर फकीरा धोरे है, काम के फकीर का। हीर रांझा। राजेंद्र सिंह खरकिया
फिर से बहकाया मोडे,चौकस किसी बिर का। हीर रांझा का किस्सा। राजेंद्र खरकिया
जिसके लागे वह नर जाणे चोट आशिका आली । हीर रांझा का किस्सा। राजेंद्र खरकिया
भरी दगा की हीर पीर न दुखी करण को आई। राजेंद्र सिंह खरकिया
आधी रात अंधेरी में कित काम जाण का तेरा। राजेंद्र खरकिया
जोड़ी का वर टोह राख्या से चाह ना माया धन की। लीलो चमन ।।राजेंद्र खरकिया
हुसन देख कर होया दीवाना सोधी रही ना तन की। राजेंद्र खरकिया
हर के आगे नर क्या कर ले। लीलो चमन का किस्सा।। राजेंद्र खरकिया
तू जाकर भूल गया चमन,।लीलो चमन का किस्सा।राजेंद्र सिंह खरकिया
गया कित सी छोड रखवाली, होया सुना बाग बिन माली-राजेंद्र खरकिया
यह जमाना ही चोर है-लीलो चमन का किस्सा। राजेंद्र खरकिया
आधी रात अंधेरी में सोव दुनिया सारी , लीलो चमन का किस्सा। राजेंद्र खरकिया
चाहिए फीस चंमन न मैं रकम कहां से लॉउ , लीलो चमन का किस्सा। राजेंद्र
आशिक से मासूक मिला महल बता दे प्यारे का। चंद किरण का किस्सा
हां मैं छतरी सू खास लगी चंद किरण की चास। चंद किरण का किस्सा।। राजेंद्र खरकिया
बाबा जी चेला कर ले- किस्सा चंद किरण। राजेंद्र खरकिया