ग्रामोदय

ग्राम भारतवर्ष की आत्मा है।
आत्मनिर्भर ग्राम ही आत्मनिर्भर भारत का आधार।
आत्मनिर्भर ग्राम से आशय आत्मनिर्भर कृषक और इसका आधार है भारतीय गौवंश तथा हमारी ग्राम्य संस्कृति, परम्पराएं।
वंदेमातरम !