सीमा गुसाई
🙏जय चंडिका माँ 🙏. में लोकगायिका सीमा गुसाईं. जागर. कीर्तन भजन. गढ़वाली गीत. मांगल. देबी देवताओं के जागर. और हम महिला रामलीला भी करते हैं.साथ ही साथ रामी बौराणी गाथा जीतू बगड्वाल. पंडवाणी भी गाती हूँ सम्पर्क सूत्र.8534857308https://youtube.com/@user-pf1pz8wx1v
आज अचानक अपने पुराने जमाने की याद आ गई बहुत गौरी खा रखी है .और इसी के साथ ससुर जी की डांट भी 😃
मेरी कहानी सुन के हंसी आजाएगी बचपन में अक्ल नहीं थी 😃 एक बार जरूर सुनना लाइक कमेंट और शेयर भी करना।
आज श्रीनगर मांगल मैं, इसी के साथ एक छोटा सा खुदेड़ गीत 'यूंद का दिन'।।सीमागुसाईं।।
आज ऊखीमठ मदमेश्वर मेले में अपनी टीम के साथ 'माधो सिंह" प्रोग्राम करने का सौभाग्य मिला।। सीमागुसाईं।।
शादी भी निपट गई। घर जाने की तैयारी और साथ में घने जंगलों के बीच एक गढ़वाली गीत 'बिक्रम डरेबर बिक्रम'
एक जगह का प्रोग्राम निपटा के दूसरी जगह जाने की तैयारी आज मांगल में कोटी गांव (मयाली) में पहुंच गए।
देवर जी की शादी की तैयारी शुरू हो गई। हमारी पुरानी परम्परा रीतिरीवाज अभी भी जीवित है #।।सीमागुसाईं।।
आज ग्वांस गांव में पंडवाणी लगाने का सौभाग्य मिला। सब लोग बहुत खुश हुए ।। जय पांडव देवत।।
मुंबई से आए मेहमानों का ढोल दमाऊं के साथ किया स्वागत सारे मेहमान खुश हो गए#सीमागुसाईं।।
काम के साथ साथ कुछ पुरानी यादें ताजा हो गई हंसी भी आ रही है और साथ साथ एक गढ़वाली गीत भी#
इस बार की इगास घर से दूर अपने संगठन के साथ मनाई, भेलो की परंपरा हमारे पहाड़ों में अभी भी जीवित है#
खेत में काम के साथ साथ थोड़ा सा मनोरंजन, घुघुती घुरांण लगी मेरा मेते की खुदेड़ गीत# सीमागुसाईं।।
घर का पिसा हुआ नमक के साथ माल्टे की खटाई खाने का मजा ही अलग है,बहुत टाइम बाद खाई खटाई मजा आ गया 😋
खेत में काम करते करते भजन याद आ गया "जंगल की लकड़ी" सुंदर सा हिंदी भजन# ।।सीमागुसाईं।।
आज फिर से उसी खेत में,और आते ही दिमाग खराप हो गया🤦😭 ।बस करो अब🙏, इसी बीच एक गढ़वाली गीत#सीमागुसाईं#
शुभ काम की शुरुआत आरसों से,गांव में शादी की तैयारी शुरू हो गई,आरसे भी बन गए।।सीमागुसाईं।पहाड़ीशादी#
मां हरियाली देवी के मंदिर में प्रोग्राम मां हरियाली के दर्शन भी हुए,मेले में सुब्सक्राईबर भी मिले।
अचानक जाना पड़ गया रुद्रप्रयाग, और बरसों का सपना हुआ पूरा , नर्सिंग कॉलेज बन के तैयार।।सीमागुसाईं।।
खेत में दाल निकालते हुए एक छोटे से गीत जीतू बगडवाल की प्रस्तुति आप लोग जरूर सुने।। सीमागुसाईं।।
खेत में दाल निकालते निकालते अंधेरा हो गया इसी के बीच एक सुंदर सा गढ़वाली गीत । ओरे लच्छी घोर#
फिर से आप लोगों के बीच एक सुंदर सा हिंदी सुपरहिट गाना प्रस्तुत कर रही हूं, ये वादियां ये फिजाएंsong
खेत में जा के रोना आ गया सुअरों ने सारी दाल खा दी 😞 इसी के बीच एक गीत प्रस्तुत कर रही हूं##song
आज बच्चों को सिखाया योग# और सारे बच्चे खुश हो गए ।।सीमागुसाईं।।
श्री राम जी का एक सुंदर सा भजन । राम जी का भजन अगर अच्छा लगे तो लाइक कमेंट और शेयर जरूर करना#
माता रानी का एक सुंदर सा भजन "भक्तों को दर्शन दे गई रे एक छोटी सी कन्या" जय माता दी।।
माता रानी का एक सुंदर सा हिंदी भजन प्रस्तुत कर रही हूं# अच्छा लगे तो लाइक कमेंट शेयर जरूर करना।।
आज नवरात्रि का द्वितीय दिन. इसी के साथ माता रानी का एक सुंदर सा गढ़वाली# भजन प्रस्तुत कर रही हूं।।
आजकल पहाड़ों में धान की लवाई मंडाई. और साथ में खेत में चाय पीने का मजा ही अलग है# सीमागुसाईं।।
फिर से आप लोगों के बीच गढ़वाली खुदेड़ #गीत हे मेरा स्वामी जी आवा दूं घोर सेरू घरबार तुमारा भोर#
गौ माता पर एक छोटा सा गढवाली भजन. सतगुरु महाराज हमारा गौ माता की सेवा बतोंदा।। सीमागुसाईं।।