Voice of Ashtavakra
तुम्हारा डर, चिंता और दुख सारा खेल मन का है!
तुम्हारा मन ही है अपराधी! तुम्हें कैद रखने वाला कोई और नहीं
जो यह देख लेता है, उसे कोई भी दुख नहीं छू सकता!
यह दुनिया मन की बनाई हुई है, सत्य दर्दनाक लेकिन मुक्तिदायक!
तू शुद्ध, स्वतंत्र और बड़ा है, बस भूल गया है!
मौन ही मुक्तिदाता है, लेकिन यह मौन कैसे आता है?
मुक्ति कैसे मिलेगी? जवाब आपकी सोच उड़ा देगा!
सच्चा ज्ञान क्या है? जवाब सुनकर रूह कांप जाएगी!
ध्यान गलत कर रहे हो! सही तरीका जानो।
मन को देखना सीख लो… यह एक समझ जीवन बदल देती है |
ध्यान करते-करते थक गए? जानें असल यात्रा कहाँ शुरू होती है?
विचारों को रोकना नहीं, उनसे ऊपर उठना है | अष्टावक्र का अंतिम रहस्य!
आप किसी के नहीं… और कोई आपका नहीं | असली कारण चौंका देगा!
ध्यान, साधना, योग सब भूलो! आत्मज्ञान ऐसे मिलता है जैसे नींद आती है!
अगर पापी न हों, तो मंदिर भी नहीं होंगे | अष्टावक्र गीता
जहाँ मृत्यु नहीं, वहाँ जन्म भी नहीं, जानिए इस शाश्वत सत्य को! अष्टावक्र गीता
सुख-दुख से परे कैसे जिएं? अष्टावक्र की अनसुनी शिक्षा! | अष्टावक्र गीता
धन कमाना आसान है, मन संभालना कठिन | अष्टावक्र गीता
पैसा तभी टिकता है, जब मन स्थिर हो | अष्टावक्र का अद्भुत सूत्र!
एक ऐसा ज्ञान जो आपको मृत्यु से मुक्त कर देगा! अष्टावक्र गीता
मृत्यु को स्वप्न की तरह देखना सीखो यही आत्मज्ञान है! अष्टावक्र गीता
मुक्ति कोई मंज़िल नहीं, यह तो तुम्हारा स्वभाव है! अष्टावक्र गीता
तुम मरते नहीं... बस बदलते हो, बस यह देखो! अष्टावक्र गीता
वैराग्य भागने से नहीं, पहचान से आता है! अष्टावक्र गीता |
संसार एक स्वप्न है... जागो इससे पहले कि देर हो जाए! अष्टावक्र गीता
मौन में छिपा है, वो ज्ञान जो शब्दों से परे है! अष्टावक्र गीता
सब कुछ पाकर भी खाली हो… तो यह सुनो! | अष्टावक्र गीता
सत्य बाहर नहीं… तुम्हारे भीतर छिपा है ! अष्टावक्र गीता
साक्षी बनना सीखें और जीवन के तनाव खुद-ब-खुद मिटेंगे | अष्टावक्र गीता
क्यों कृष्ण का आचरण बताता है, हमें आत्मा की गहराई? अष्टावक्र गीता |