Vedanta Simplified
Channel includes talks by revered master Anandmuti Gurumaa on Vedanta. Vedanta literally means the end of the Veda – vedanta refers to the highest wisdom that is specifically illuminating the oneness of the Atman and the Brahman, that is the individual self and the absolute supreme reality.
Her insightful expositions on various texts like the Upanishads (Amrit Bindu), as also the series on the Shrimad Bhagawad Gita, Shri Vichar Chandrodaya and Adi Shankaracharya’s Advaita classics Nirvanashatakam & Atmabodha and many others, are opportunities to delve into Vedanta, and retreats on expositions on Vedanta are held time and again in Rishi Chaitanya Ashram.
अंतःकरण में चेतन भी, चिदाभास भी – इसका अर्थ क्या है?
मैं स्वयं को ईश्वर से अलग क्यों महसूस करता हूँ?
आनंदमय कोष क्या है? गुरु की क्या भूमिका है? | Anandmurti Gurumaa
एकाग्रता और ध्यान की एक सरल विधि
आत्मा शुद्ध है तो मन अशुद्ध क्यों?
चेतन और चेतना क्या अलग हैं? Are Chetan (Self) & Chetana (Consciousness) Different?| Anandmurti G
कौन देखता है: आँखें, मन या जीव? | Who Really Sees—Eyes, Mind or the Jeeva? | Anandmurti Gurumaa
जीव अलग सत्ता है—या केवल प्रतीति? | Is Jeeva real or a mere simulation? | Anandmurti Gurumaa
मन को मिथ्या जानना इतना कठिन क्यों है? | Why Seeing Mind as Unreal Is So Hard? | Anandmurti Gurumaa
कैसे जानूँ कि ‘मैं’ अकर्ता हूँ? How Is Self a Non-Doer? | Vedantic Perspective | Anandmurti Gurumaa
गहरी नींद में मन बुद्धि कहाँ जाते हैं? | Where Do Mind & Intellect Go in Deep Sleep? | Anandmurti G
सोचता कौन है — मैं या मन? Who Is the Thinker —'I' v/s Mind | Anandmurti Gurumaa
क्या ‘मैं’ सिर्फ़ एक छाया है ?| Is ‘I’ a Mere Reflection? | Anandmurti Gurumaa
क्या बुद्धि आत्मा को जान सकती है? | Can the Intellect Know the Self? | Anandmurti Gurumaa
मोक्ष की राह में 3 रुकावटें | 3 Obstacles to Liberation | Anandmurti Gurumaa
खोज करो 'मैं कौन हूँ?' | Inquire Deeply: Who Am I? | Anandmurti Gurumaa
पातञ्जल योग सूत्र | अस्मिता क्या है? | Decode the Ego in Patanjali Yoga Sutra | Anandmurti Gurumaa
ईश्वर सब में है फिर दुख क्यों? | If God Is in All, Why Is There Sorrow? | Anandmurti Gurumaa
बाल जिज्ञासाएँ - क्या भगवान ने बनाई यह दुनिया? | Anandmurti Gurumaa
परमात्मा एक, हम अनेक – क्यों और कैसे? | Anandmurti Gurumaa
अमृतबिंदु उपनिषद् | श्लोक 13 - 15 | आनन्दमूर्ति गुरुमाँ | Amritabindu Upanishad - Shloka 13 - 15
आत्मा मन के पार है फिर मन ही ज्योति स्वरूप कैसे? | Anandmurti Gurumaa
तत्त्वज्ञानी संत परमात्मा का ही मूर्त स्वरूप | Anandmurti Gurumaa
'मैं ही आनंदस्वरूप' फिर किसी से सुख की चाह क्यों? | Anandmurti Gurumaa
Break Free from Mental Chains | Upanishad Story for Kids (English) | Anandmurti Gurumaa
न 'मैं' देह; न देह “मेरी”, पर कैसे? Anandmurti Gurumaa
मन और बुद्धि में क्या भेद है? | Anandmurti Gurumaa
संसार माया है तो इसमें सुख की प्रतीति क्यों? | Anandmurti Gurumaa
क्या ‘मैं हूँ’ की अनुभूति ही सत्य का बोध? | Anandmurti Gurumaa
क्या है आत्मबोध का अर्थ | Anandmurti Gurumaa