Aachary ramsewak ji Maharaj आचार्य राम सेवक जी
श्री परमात्मने नमः
भगवता प्रदत्तं जीवनमस्ति अत: जीवने तेषां प्राप्तिर्भवति तदैव जीवनस्य सार्थकतास्ति नो चेत् पशवोपि सन्ति खादन्ति शयनं कुर्वन्ति आदि तर्हि तेभ्य: पृथक् अस्मासु किमपि भवेत् ज्ञानं भक्तिरादि तै: सर्वै:भगवत: प्राप्तिरेव लक्ष्यमस्ति अत: मुख्यं तेषां प्राप्ति:। आचार्य रामसेवक पाण्डेय जी महाराज (काशी)श्री मद्भागवत कथा,राम कथा ,यज्ञ आदि कराने के लिए सम्पर्क करें
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भागवत महात्म
भागवत कथा चौरी
भागवत कथा चौरी भदोही
रुद्राष्टाध्याई पढ़ते हुए बटुक
5 सितंबर 2025
दुर्गा सप्तशती पढ़ते हुए बटुक
वैदिक परम्परा
रुद्राष्टाध्यायी पंचम अध्याय 29 मंत्र से 66 तक
रुद्राष्टाध्यायी पांचवां अध्याय 1से 28 मंत्र
रुद्राष्टाध्यायी सातवां अध्याय
रुद्राष्टाध्यायी छठवां अध्याय
दुर्गा सप्तशतीआठवां अध्याय
दुर्गा सप्तशती सातवां अध्याय
दुर्गा सप्तशती छठवां अध्याय
रुद्राष्टाध्यायी चतुर्थ अध्याय
रुद्राष्टाध्यायी तृतीय अध्याय
दुर्गासप्तशती पंचम अध्याय
दुर्गा सप्तशती चतुर्थ अध्याय
दुर्गासप्तशती द्वितीयअध्याय
दुर्गा सप्तशती तृतीय अध्याय
दुर्गा सप्तशती प्रथमअध्याय
रुद्राष्टाध्यायी द्वितीय अध्याय 10 से 22 तक
देव्याः कवचम्
रुद्राष्टाध्यायी दूसरा अध्याय 10 मंत्र तक
अर्गलास्तोत्रम्
कीलकम्