याद तुम्हारी आती है..Yad Tumhari Aati Hai.
Автор: Sarv Sahitya - सर्व साहित्य
Загружено: 2026-01-11
Просмотров: 40
याद तुम्हारी आती है..Yad Tumhari Aati Hai. #viralvideo #viralpoetry #lovepoetry #jaishreeram #kavita
जब अन्तर्द्वंदों की अगणित ज्वाला में धधक रहा होता है मन हताशाओं के घने कोहरे में ढँका लुप्तप्राय हो रहा हो जीवन जब निराशाओं के ओस - कणों से ढँके पलक हो रहे हों नम जब उम्मीदों के अविराम ढलते पारे के बीच रूह तक कांप जाती है तब धूम्रहीन तल्ख अंगीठी की तीव्र आँच सी याद तुम्हारी आती है।।
जब अगणित आशाओं के हाथ-पैर बर्फीले तम में गल रहे होते हैं जब लक्ष्य की चोटी से सपनों के जमें बर्फ भारी हो फिसल रहे होते हैं जब अपेक्षाओं के घटे तापमान पर भी अश्रु-धारा उफन आती है तब धूम्रहीन तल्ख अंगीठी की तीव्र आँच सी याद तुम्हारी आती है।।
जब वर्षों से प्यासे मन की रेत पर बिछी हो सफेदी हिम की पिपासु मन तके सूरज की गर्मी जो पिघलाए कुछ बूंदे तुहिन की जब तृषा और गलन की दोहरी पीर से मन की धीरता उकता जाती है तब धूम्रहीन तल्ख अंगीठी की तीव्र आँच सी याद तुम्हारी आती है।।
© सर्वेश कुमार 'सर्व'
#kavitakosh #kumarvishwas #lovepoetry #love #motivation #officer
#sarvesh
Доступные форматы для скачивания:
Скачать видео mp4
-
Информация по загрузке: