Raag Bhimpalasi easy tutorial || harmonium notation || tutorial
Автор: Swar Amrit Academy
Загружено: 2026-01-15
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राग भीमपलासी, काफी थाट का एक मधुर और भावपूर्ण हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत का राग है, जो दिन के तीसरे प्रहर (दोपहर से शाम) में गाया जाता है; इसमें कोमल गंधार (ग़) और कोमल निषाद (नी) का प्रयोग होता है, जबकि आरोह (चढ़ाई) में रे और ध स्वर वर्जित होते हैं (औडव जाति), और अवरोह (उतरान) में सभी सात स्वर लगते हैं (संपूर्ण जाति), जिससे इसकी जाति औडव-संपूर्ण बनती है; इसका वादी (मुख्य) स्वर 'म' (मध्यम) और संवादी (सहायक) स्वर 'सा' (षड्ज) है, और यह राग करुण रस से परिपूर्ण होता है।
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