शुक्र वार स्पेशल माता रानी आरती | माता रानी भजन | माता आरती | माता भजन | Mata Bhajan | Mata Aarti
Автор: शुभ लाभ भक्ति
Загружено: 2025-11-27
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पौराणिक कथा के अनुसार माता पार्वती ने शिवजी को पति के रूप में पाने के लिए कई हजारों वर्षों तक तपस्या की थी। Mata Sherawali Katha: दुर्गा मां के 108 नाम हैं। दुर्गा मां को माता शेरांवाली भी कहा जाता है।
पार्वती, हिंदू भगवान शिव की पत्नी हैं.
पार्वती को आदि शक्ति माना जाता है.
पार्वती ने कई रूप धारण किए हैं, जैसे कि काली, गौरी, अंबिका, दुर्गा, उमा, जगदम्बा, गिरीजा, शेरांवाली, शैलपुत्री, पहाड़ावाली, चामुंडा, तुलजा.
पार्वती को उनकी आवाज़ को संभालने वाली देवी के रूप में भी जाना जाता है.
पार्वती के 10 अवतारों को दस महाविद्या कहा जाता है.
पार्वती के बारे में कहा जाता है कि उनका पिछला जन्म सती के रूप में था.
पार्वती के बारे में देवी भागवत पुराण में 18 रूपों का वर्णन मिलता है.
पार्वती को जगत माता भी कहा जाता है.
पार्वती को अदि पराशक्ति माना जाता है.
पार्वती, भक्ति, भूख, प्यास, निद्रा, क्षमा, शांति, तेज, मातृभाव प्रदान करती हैं.
सरस्वती जी को विद्या, संगीत, बुद्धि, और ज्ञान की देवी माना जाता है:
सरस्वती जी को ज्ञान की देवी कहा जाता है. मान्यता है कि सरस्वती जी की पूजा करने से ज्ञान की प्राप्ति होती है.
सरस्वती जी को साहित्य, संगीत, और कला की देवी भी माना जाता है.
सरस्वती जी को वीणावादिनी माना जाता है.
सरस्वती जी को वेदों की जननी माना जाता है.
सरस्वती जी को मुक्ति की देवी भी माना जाता है.
सरस्वती जी को सफ़ेद कपड़े पहने दिखाया जाता है, जो पवित्रता का प्रतीक है.
सरस्वती जी का वाहन हंस है.
सरस्वती जी के हाथों में वीणा, पुस्तक, माला, और अक्ष माला होती है.
सरस्वती जी को प्रसाद के रूप में पीले फल और मिठाई का भोग लगाया जाता है.
सरस्वती जी के बारह नाम हैं: भारती, सरस्वती, शारदा, हंसवाहिनी, जगती, वागीश्वरी, कुमुदी, ब्रह्मचारिणी, बुद्धिदात्री, वरदायिनी, चंद्रकांति व भुवनेश्वरी.
शिक्षा संस्थाओं में वसंत पंचमी को सरस्वती का जन्म दिन समारोह पूर्वक मनाया जाता है
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