भीनमाल में महालक्ष्मी मंदिर क्या रहस्य जानें कब बसा BHINMAL me mahalaxmi temple rhsya- BHINMAL NEWS
Автор: Jalore History
Загружено: 2023-12-25
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भीनमाल में महालक्ष्मी मंदिर क्या रहस्य जानें कब बसा - JALORE NEWS
भीनमाल ( 12 नवम्बर 2023 ) राजस्थान के मारवाड़ में एक ऐसा शहर है, जिसे मां लक्ष्मी ने बसाया था। मारवाड़ के भीनमाल शहर में करीब 734 साल पुराने जिले का एकमात्र महालक्ष्मी मंदिर प्रदेशभर में प्रसिद्ध है। भीनमाल शहर से खुद महालक्ष्मी का जुड़ाव भी है। श्रीमाल पुराण और हिंदू मान्यताओं के अनुसार विष्णु भार्या महालक्ष्मी द्वारा ही भीनमाल नगर बसाया गया था। इस वजह से भीनमाल का पुराना नाम श्रीमाल नगर था।
महालक्ष्मी से भीनमाल से जुड़ी कई मान्यताएं बताई जाती हैं। दरअसल, भीनमाल स्थित महालक्ष्मी का यह मंदिर 13वीं शताब्दी का है। इसका निर्माण सन् 1286 में हुआ था। वर्तमान में भीनमाल में महालक्ष्मी के दो मंदिर हैं। प्राचीन मंदिर शहर के धोराढ़ाल में हैं, जहां पर बड़ी महालक्ष्मी कमलेश्वरी है। दूसरा मंदिर मुख्य बाजार स्थित छोटी महालक्ष्मी के नाम से है। प्रदेश के कई महालक्ष्मी मंदिरों में आज भी भीनमाल से प्रतिमा ले जाकर स्थापित की जाती है।
हरिदास नामक एक धनवान वणिक श्रीमाल नगर में रहता था। वह काफी बुजुर्ग था और बेटे नहीं होने के चलते बहुत दुखी भी था। बुजुर्ग ने महालक्ष्मी की एक साल और तीन माह तक नियमित पूजा की थी। एक दिन रात में कमलासन पर आरूढ़ महालक्ष्मी उसके सामने प्रकट हुई। कमल की पूजा से प्रसन्न देवी ने उससे वरदान मांगने के लिए कहा। बुजुर्ग ने देवी लक्ष्मी से पुत्ररत्न और वंश चलने का वरदान मांगा।
इस प्रकार से कौशिक के गौत्र में लक्ष्मीजी स्थापित हुई। इसीलिए आज भी भीनमाल शहर पर महालक्ष्मी का आशीर्वाद माना जा रह है। 1286 के दौरान महालक्ष्मी का मंदिर भी बना है। इस मंदिर में महालक्ष्मी के गज-लक्ष्मी रूप के दर्शन होते हैं। मूल प्रतिमा के चारों ओर हाथी जलाभिषेक करते हुए दिखते हैं। इन्हें महालक्ष्मी कमलेश्वरी देवी कहा जाता है। श्रीमाली ब्राह्मण समाज के कई गौत्रों की यह कुलदेवी भी है।
भीनमाल का पुराना नाम श्रीमाल नगर
भीनमाल शहर में करीब 734 साल पुराना जिले का एकमात्र महालक्ष्मी मंदिर जो प्रदेश भर में प्रसिद्ध है। शहर से खुद मां लक्ष्मी का जुड़ाव भी है। श्रीमाल पुराण में हिंदू मान्यता के अनुसार उल्लेख मिलता है कि भगवान विष्णु की पत्नी और धन की देवी मां लक्ष्मी द्वारा भीनमाल नगर को बसाया गया था।
दरअसल भीनमाल नगर में स्थित महालक्ष्मी का यह मंदिर 13वीं शताब्दी का है। इसका निर्माण सन 1286 में हुआ था। भीनमाल का प्राचीन और इतिहास प्रसिद्ध नाम श्रीमाल नगर है। इस नामकरण के पीछे किवदंती यह है कि यह नगर स्वयं विष्णु भार्या देवी महालक्ष्मी माता ने बसाया था।
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