Gidh aur Bille Ki Kahani | गीध और बिल्ले की कहानी | Story of Vulture and Cat from Pachatantra
Автор: Indus Toons
Загружено: 2019-10-17
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एक दिन एक अँधा और बुढा गीध एक पेड़ की कोटर में रहेने आया जिस पेड़ पर रात को पंछी रहेते थे. गीध को देखकर पंछियों ने एक सभा बुलाई. सभा में एक पंछी ने कहा की वो गीध बुढा है, ठीक से चल भी नहीं सकता. अगर हम उसे खाना नहीं देंगे तो वो भूख से मर जाएगा. पंछियो की भलाई देखकर गीधने सोचा की खाने के बदले में वो उनके बच्चो की हिफाजत करेगा.
एक दिन एक बिल्ला उस पेड़ के पास से गुजारी, लेकिन उसने पेड़ की सबसे ऊँची शाख पे बेठे गीध को नहीं देखा था. बिल्लेने सोचा की इतने सारे अंडे और बच्चे तो महीनों तक खाने में चल सकते है. बिल्ले को अपनी तरफ आता देखकर पंछी के बच्चोने हल्ला मचा दिया जिसे सुनकर गीध नींद से जाग गया. वो उड़के निचे आया और पूछने लगा की कौन है वहां?
गीध बूढा और अँधा है यह देखकर बिल्ले को राहत हुई. उसने कहा की में एक बिल्ला हु तो गीध ने उसे धमकाते हुए कहा की जल्दी यहाँ से चले जाओ वरना में तुम्हे मार दूंगा. तो बिल्लेने कहा की में गंगा के किनारे रहेता था, मेने वहां दुसरे पंछीयो से आपकी सूजबुज़ के बारे में काफी सुना है. में आपसे दुनियादारी सीखने आया हु. तो गीधने बताया की बिल्लियों को मांस पसंद होता है और यहाँ पंछीयो के बच्चे है जिन्हें तुमसे खतरा हो सकता है.
लेकिन बिल्लेने कहा की में मांस नहीं खाता और क्या आप किसी ऐसे बिल्ले को मार मारेंगे जो आपका शिष्य बनने आया हो? गीध बिल्ले की बातो में आ गया और कहा की वो उसके साथ पेड़ की कोटर में रेह सकता है. उसके बाद बिल्ला हररोज पंची के बच्चो को चुराकर पेड़ के कोटर में लाता था और उसे खा जाता था. शाम को घर आकर जब बच्चे कम होते थे तो पंछीयोने सभा बुलाई और इसकी वजह तपास करने का तय किया. यह सुनकर बिल्लेने वहां से नीलक जाना मुनासिफ समजा.
इस तरफ पंछियोंने तपास शुरू की तो एक पंची को पेड़ की कोटर में उनके बच्चो की हड्डिया मिली. पंछियों को लगा की इसी गीधने उनके अहेसान का बदला चुकाने के बदले उनके बच्चो को मारकर खाया है. वैसे भी गीध बुढा और अँधा है तो और कोई शिकार तो नही कर सकता था. पंछियों को लगा की गीधने उसके साथ धोखा किया है इसलिए सभी पंछियोंने मिलकर गीध को सबक सिखाने को तय किया. सभी पंछी मिलकर उस बूढ़े और अंधे गीध पर तूट पड़े और उसे मार डाला.
गीध की गलती सिर्फ उतनी ही थी की उसने एक अनजाने बिल्ले पर भरोसा किया जो उसे नहीं करना चाहिए था. इस कहानी से हमे यह सिख मिलती है की जीसकी नियत में खोट हो वो कितनी भी बाते क्यों ने कर ले, हमे उस पर भरोसा नहीं करना चाहिए. यह हमारे अपने लिए जानलेवा भी हो सकता है.
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