Популярное

Музыка Кино и Анимация Автомобили Животные Спорт Путешествия Игры Юмор

Интересные видео

2025 Сериалы Трейлеры Новости Как сделать Видеоуроки Diy своими руками

Топ запросов

смотреть а4 schoolboy runaway турецкий сериал смотреть мультфильмы эдисон
dTub
Скачать

Jhansi Fort History (in hindi) | जहां पर भी छिड़ी थी 1857 स्वतंत्रता की क्रांति

Автор: KUMBH 2019

Загружено: 2025-09-06

Просмотров: 498

Описание:

Jhansi Fort History (in hindi) | जहां पर भी छिड़ी थी 1857 स्वतंत्रता की क्रांति




झांसी का किला, जिसे बुंदेलखंड का अजेय किला भी कहा जाता है, भारत के उत्तर प्रदेश राज्य में स्थित एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर है। यह किला न केवल अपनी शानदार वास्तुकला के लिए जाना जाता है, बल्कि यह 1857 के प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की प्रतीक भी है, जब रानी लक्ष्मीबाई ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ इसका बचाव किया था।
स्थापना और इतिहास
झांसी का किला एक पहाड़ी पर स्थित है, जिसे बंगरा पहाड़ी कहा जाता है। इसका निर्माण 17वीं शताब्दी में ओरछा के बुंदेला राजा बीर सिंह देव ने करवाया था। यह किला लगभग 15 एकड़ के क्षेत्र में फैला हुआ है। इस किले का इतिहास कई राजवंशों से जुड़ा हुआ है।
ओरछा के बुंदेला राजा: प्रारंभ में यह किला ओरछा के बुंदेला राजाओं के नियंत्रण में था।
मराठा शासन: 1729 में, बुंदेला शासकों और मराठा पेशवा बाजीराव द्वितीय के बीच एक संधि हुई, जिसके तहत झांसी का किला मराठा शासन के अधीन आ गया।
ब्रिटिश शासन: 1853 में, जब गंगाधर राव की मृत्यु हुई, तो ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने 'व्यपगत का सिद्धांत' (Doctrine of Lapse) लागू कर झांसी को अपने साम्राज्य में मिला लिया। इस सिद्धांत के तहत, यदि किसी शासक का कोई पुरुष उत्तराधिकारी नहीं होता था, तो उसकी रियासत ब्रिटिश साम्राज्य में मिला ली जाती थी।
रानी लक्ष्मीबाई और 1857 का संग्राम
झांसी के किले का सबसे महत्वपूर्ण और गौरवशाली अध्याय रानी लक्ष्मीबाई के साथ जुड़ा हुआ है। जब रानी लक्ष्मीबाई ने ब्रिटिश सरकार के इस सिद्धांत को मानने से इनकार कर दिया, तो 1857 में ब्रिटिश सेना ने झांसी पर हमला कर दिया।
किले की घेराबंदी: जनरल ह्यूग रोज की ब्रिटिश सेना ने लगभग दो सप्ताह तक किले की घेराबंदी की।
रानी का शौर्य: रानी लक्ष्मीबाई ने अपनी सेना के साथ किले का बहादुरी से बचाव किया। उन्होंने महिलाओं को भी युद्ध में शामिल होने के लिए प्रेरित किया।
गद्दारी: अंततः, किले के एक गद्दार ने ब्रिटिश सेना को एक गुप्त मार्ग का पता बता दिया, जिसके माध्यम से वे किले में प्रवेश कर गए।
अंतिम लड़ाई: रानी लक्ष्मीबाई ने किले की दीवार से कूदकर अपने घोड़े बादल पर बैठकर भागने का फैसला किया, और बाद में ग्वालियर में अंग्रेजों से लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हुईं।
किले की वास्तुकला और विशेषताएं
झांसी का किला एक प्रभावशाली वास्तुकला का नमूना है। यह बुंदेला और मराठा वास्तुकला का एक अद्भुत मिश्रण है।
किले की दीवारें: किले की दीवारें ग्रेनाइट से बनी हैं और इनकी चौड़ाई 16 से 20 फीट तक है।
बुर्ज: किले में कुल 10 बुर्ज हैं, जिनमें गणेश बुर्ज, शंकर बुर्ज, और लक्ष्मी बुर्ज प्रमुख हैं।
प्रवेश द्वार: किले में कुल 10 प्रवेश द्वार हैं, जिनमें ओरछा गेट, दतिया गेट, और झरना गेट प्रमुख हैं।
कड़क बिजली तोप: किले में एक विशाल तोप है, जिसे 'कड़क बिजली' कहा जाता है। इस तोप का उपयोग रानी लक्ष्मीबाई ने युद्ध के दौरान किया था।
झूला: किले में एक झूला भी है, जिसके बारे में कहा जाता है कि रानी लक्ष्मीबाई इस पर झूलती थीं।
मंदिर: किले के अंदर कई मंदिर हैं, जिनमें भगवान गणेश का एक प्राचीन मंदिर भी है।
गुलाम गौस खान की मज़ार: किले में रानी लक्ष्मीबाई के एक सेनापति गुलाम गौस खान की मज़ार भी है।
किले में देखने लायक स्थान
झांसी के किले में कई ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण स्थान हैं, जो पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।
रानी महल: किले के पास एक रानी महल भी है, जो अब एक संग्रहालय बन गया है। इस संग्रहालय में रानी लक्ष्मीबाई से संबंधित कई वस्तुएं और कलाकृतियां रखी गई हैं।
गंगाधर राव का स्मारक: किले के पास रानी लक्ष्मीबाई के पति राजा गंगाधर राव का स्मारक भी है।
संग्राम संग्रहालय: किले के अंदर एक संग्रहालय भी है, जिसमें 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से संबंधित कई चित्र और वस्तुएं प्रदर्शित की गई हैं।
प्रकाश और ध्वनि शो: किले में एक दैनिक प्रकाश और ध्वनि शो भी आयोजित किया जाता है, जो झांसी के इतिहास और रानी लक्ष्मीबाई के जीवन को दर्शाता है।
वर्तमान स्थिति और संरक्षण
वर्तमान में, झांसी का किला भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के संरक्षण में है। सरकार द्वारा इसके संरक्षण और रखरखाव के लिए कई कदम उठाए गए हैं। इस किले को एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया गया है।

झांसी का किला एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर है, जो हमें रानी लक्ष्मीबाई के साहस और देशभक्ति की याद दिलाता है। यह किला भारत के स्वतंत्रता संग्राम की एक महत्वपूर्ण प्रतीक है और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।





झांसी का किला: शौर्य, बलिदान और गौरव की गाथा
उत्तर प्रदेश के झांसी शहर में स्थित झांसी का किला, भारतीय इतिहास और शौर्य का एक अनुपम प्रतीक है। बंगाली नामक एक पहाड़ी पर लगभग 15 एकड़ के क्षेत्र में फैला यह किला, न केवल अपनी स्थापत्य कला के लिए जाना जाता है, बल्कि 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में रानी लक्ष्मीबाई के अदम्य साहस और बलिदान की गाथा का भी साक्षी रहा है। इस किले का इतिहास कई राजवंशों के शासनकाल से जुड़ा है, जिनमें बुंदेला, मराठा और अंत में अंग्रेज शामिल हैं।
निर्माण और प्रारंभिक इतिहास (17वीं शताब्दी)
झांसी के किले का निर्माण 17वीं शताब्दी में ओरछा के बुंदेला राजा बीर सिंह जूदेव ने करवाया था। वर्ष 1613 में उन्होंने इस किले की नींव रखी। राजा बीर सिंह जूदेव, मुगल सम्राट जहांगीर के मित्र थे, और उन्होंने अपनी राजधानी ओरछा को रणनीतिक रूप से अधिक सुरक्षित बनाने के लिए इस किले का निर्माण कराया। उस समय झांसी का क्षेत्र ओरछा साम्राज्य का हिस्सा था।

Jhansi Fort History (in hindi) | जहां पर भी छिड़ी थी 1857 स्वतंत्रता की क्रांति

Поделиться в:

Доступные форматы для скачивания:

Скачать видео mp4

  • Информация по загрузке:

Скачать аудио mp3

Похожие видео

Revolt of 1857 | India's Struggle For Independence l Class 02 | Bipan Chandra  l StudyIQ IAS Hindi

Revolt of 1857 | India's Struggle For Independence l Class 02 | Bipan Chandra l StudyIQ IAS Hindi

India: Marvels & Mysteries | मेहरानगढ़ किला | Mehrangarh Fort

India: Marvels & Mysteries | मेहरानगढ़ किला | Mehrangarh Fort

Il Colosseo come non l’hai Mai Visto: la Vera Storia del Gigante di Roma

Il Colosseo come non l’hai Mai Visto: la Vera Storia del Gigante di Roma

Ад, куда уходят Молодость и Смех — эксгумация немецкого кладбища времен Второй мировой войны

Ад, куда уходят Молодость и Смех — эксгумация немецкого кладбища времен Второй мировой войны

1857 || क्रांति ||  PYQ || All Exam || पूर्व परीक्षाओं में पूछे गए प्रशन  | | BY SUBHASH CHARAN SIR

1857 || क्रांति || PYQ || All Exam || पूर्व परीक्षाओं में पूछे गए प्रशन | | BY SUBHASH CHARAN SIR

Тайны жизни кротов: что их так тянет на наши участки?

Тайны жизни кротов: что их так тянет на наши участки?

RPSC 2nd ग्रेड शिक्षक 2025 | राजस्थान का इतिहास | 1857 की क्रांति | 1857 ki kranti | Top Mcq |

RPSC 2nd ग्रेड शिक्षक 2025 | राजस्थान का इतिहास | 1857 की क्रांति | 1857 ki kranti | Top Mcq |

ДРЕВНИЕ ТЕХНОЛОГИИ: Цивилизации, опередившие своё время

ДРЕВНИЕ ТЕХНОЛОГИИ: Цивилизации, опередившие своё время

Как Выглядели Древние Достопримечательности

Как Выглядели Древние Достопримечательности

Оборудование с допотопных заводов приняли за пушки и начали из них стрелять

Оборудование с допотопных заводов приняли за пушки и начали из них стрелять

Почему НЕТ МОСТА между Европой и Африкой? Гибралтарский пролив и ДРУГИЕ КЛЮЧЕВЫЕ ТОЧКИ ПЛАНЕТЫ

Почему НЕТ МОСТА между Европой и Африкой? Гибралтарский пролив и ДРУГИЕ КЛЮЧЕВЫЕ ТОЧКИ ПЛАНЕТЫ

Неизвестная история на картинах 15 века, которую от нас скрывают.

Неизвестная история на картинах 15 века, которую от нас скрывают.

Мир замер, то что нашли в структуре Туринской Плащаницы шокировало всех…

Мир замер, то что нашли в структуре Туринской Плащаницы шокировало всех…

Форт Орчха | Полный тур | #exploreMP

Форт Орчха | Полный тур | #exploreMP

| Jhansi Fort | भूलभुलैया वाला पंचमहल,1857 के महासंग्राम की गाथा सुनाता झांसी का किला! (Ep-2)

| Jhansi Fort | भूलभुलैया वाला पंचमहल,1857 के महासंग्राम की गाथा सुनाता झांसी का किला! (Ep-2)

Иван Ефремов был шпионом? Почему смерть писателя заинтересовала КГБ

Иван Ефремов был шпионом? Почему смерть писателя заинтересовала КГБ

33 «факта» о Средневековье, которыми ВАС ОБМАНЫВАЛИ всю жизнь

33 «факта» о Средневековье, которыми ВАС ОБМАНЫВАЛИ всю жизнь

НОРИЛЬЛАГ — ГОРОД НА КОСТЯХ: 500000 ПРОШЛИ ЧЕРЕЗ АД | Самый грязный город мира построен рабами

НОРИЛЬЛАГ — ГОРОД НА КОСТЯХ: 500000 ПРОШЛИ ЧЕРЕЗ АД | Самый грязный город мира построен рабами

Открыли гробницу, которую боялись трогать 3300 лет… Вот что там было!

Открыли гробницу, которую боялись трогать 3300 лет… Вот что там было!

Я СПУСТИЛСЯ ПОД МОНАСТЫРЬ XV ВЕКА! Соловецкий монастырь - вместо урока истории

Я СПУСТИЛСЯ ПОД МОНАСТЫРЬ XV ВЕКА! Соловецкий монастырь - вместо урока истории

© 2025 dtub. Все права защищены.



  • Контакты
  • О нас
  • Политика конфиденциальности



Контакты для правообладателей: [email protected]