28,29,30 रजब – इतवार, पीर, मंगल | सूरह कौसर और सूरह फ़ातिहा का पावरफुल वज़ीफ़ा | Imama ansari
Автор: Imama Ansari
Загружено: 2026-01-18
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28,29,30 रजब – इतवार, पीर, मंगल | सूरह कौसर और सूरह फ़ातिहा का पावरफुल वज़ीफ़ा | Imama ansari
माहे रजब के आख़िरी तीन दिन (28,29,30 रजब – इतवार, पीर, मंगल) हर मोमिन के लिए बेहद बरकत वाले होते हैं। इस वीडियो में हम आपको वो पावरफुल वज़ीफ़ा बता रहे हैं जिसे लगातार तीन दिन करना चाहिए।
इस वज़ीफ़ा को करने से:
घर में बरकत और सुकून आता है
रिज़्क़ और दौलत बढ़ती है
रुकी हुई हाजतें पूरी होती हैं
दिल और इख़लाक़ में सुधार आता है
कैसे करें:
सबसे पहले दुरूद शरीफ़ पढ़ें और अपनी जायज़ हाजत की नियत करें।
सूरह फ़ातिहा पढ़ें और उसके बाद इस्मे मुबारक को 41 बार पढ़ें।
तस्बीह पढ़ें: "या रज़्ज़ाकु, या रज़्ज़ाकु, या रज़्ज़ाकु"।
आख़िर में दुरूद शरीफ़ और अल्लाह की बारगाह में दुआ करें।
Audio Credit: इस वीडियो में इस्तेमाल की गई आवाज़ Google AI Studio से जनरेट की गई AI Voice है।
Disclaimer: यह वीडियो इस्लामी जानकारी और दुआ-आमाल की तालीम के लिए है। नतीजा सिर्फ़ अल्लाह तआला के हाथ में है।
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