शनि बीज श्लोक | शनि दोष शांति मंत्र | Shani Mantra
Автор: BhaktiLok
Загружено: 2026-01-09
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नीलांजनसमाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम्
छायामार्तण्डसम्भूतं तं नमामि शनैश्चरम्॥
यह पावन श्लोक भगवान शनि को समर्पित है।
इस मंत्र का नियमित जाप करने से शनि दोष, साढ़ेसाती और ढैय्या के प्रभाव में शांति मिलती है।
धैर्य, कर्म, अनुशासन और न्याय के प्रतीक भगवान शनि जीवन में स्थिरता और आत्मबल प्रदान करते हैं।
🙏 शनिवार के दिन, तेल का दीपक जलाकर, शांत मन से इस श्लोक का जाप करें।
💙 श्रद्धा और विश्वास के साथ किया गया जाप अवश्य फलदायी होता है।
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