जळवा पूजन भाग 2 - कुवे पर पानी भरने गई
Автор: Shubh Journey
Загружено: 2025-11-11
Просмотров: 146098
Shubh Journey 1792
जळवा पूजन भाग २
जळवा पूजन एक धार्मिक एवं सामाजिक अनुष्ठान है जो प्रायः
➡️ बच्चे के जन्म के छठे, बारहवें, बीसवें या कभी-कभी चालीसवें दिन किया जाता है।
इस दिन माँ और नवजात शिशु का विशेष पूजन होता है।
कई जगह इसे “छठी, बरही, बारहवीं, या जळवा भरना” भी कहा जाता है।
🪔 2. जळवा पूजन का अर्थ और उद्देश्य
“जळवा” शब्द “जल” से बना है, जिसका अर्थ है शुद्धता, जीवन और शक्ति।
इस पूजन का मुख्य उद्देश्य है —
नवजात बच्चे और माँ का शुद्धिकरण और आशीर्वाद देना।
परिवार में नए जीवन के आगमन का उत्सव मनाना।
देवी-देवताओं, विशेषकर जल देवी और कुलदेवी का धन्यवाद करना।
🌿 3. पूजन की विधि (परंपरागत रूप से)
यह विधि स्थानानुसार थोड़ी बदल सकती है, लेकिन सामान्य रूप से इस प्रकार होती है 👇
घर की सफाई और मंडप सजाना:
आँगन या पूजा स्थान को गोबर-मिट्टी से लीपकर पवित्र किया जाता है।
आम के पत्तों और तोरण से सजावट की जाती है।
कलश स्थापना:
एक ताँबे या पीतल के कलश में जल भरकर, आम के पत्ते और नारियल रखे जाते हैं।
यह जलदेवी या मातृशक्ति का प्रतीक होता है।
बच्चे और माँ का स्नान व पूजन:
दोनों को स्नान करवाया जाता है और सुंदर वस्त्र पहनाए जाते हैं।
इसके बाद माता-बालक का तिलक और आरती की जाती है।
देवी-देवताओं का आवाहन:
गौरी, गंगा, कुलदेवी, सप्तमातृका, सूर्यदेव, और पितृगण की पूजा होती है।
अन्न-प्रसाद और जल अर्पण:
इस दिन विशेष व्यंजन बनाए जाते हैं — जैसे खीर, पूड़ी, लड्डू, मीठे पकवान आदि।
इन्हें देवताओं को अर्पित कर बाद में सबको प्रसाद के रूप में दिया जाता है।
वरदान और आशीर्वाद:
परिवारजन और पड़ोसी नवजात को आशीर्वाद देते हैं —
“बच्चा लंबी उम्र वाला, सुखी और स्वस्थ रहे।”
🎊 4. सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व
यह महिलाओं का त्योहार माना जाता है, क्योंकि इसमें घर की महिलाएँ प्रमुख भूमिका निभाती हैं।
यह माँ के प्रसव काल के बाद पुनः समाज में सम्मिलित होने का प्रतीक है।
यह कार्यक्रम परिवार और समाज को एक साथ जोड़ता है — एक उत्सव की तरह।
💫 5. धार्मिक भावार्थ
जल = जीवन का स्रोत, इसलिए नवजीवन के आगमन पर “जल” की पूजा की जाती है।
अग्नि, वायु, जल, पृथ्वी, आकाश — पाँचों तत्वों में से जल सबसे जीवनदायी है, इसलिए यह पूजन प्रकृति और सृष्टि के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है।
🕉️ संक्षेप में
जळवा पूजन एक सुंदर परंपरा है जो मातृत्व, नवजीवन और देवी शक्ति का उत्सव है।
यह केवल धार्मिक कर्म नहीं बल्कि परिवार के नए अध्याय का मंगल प्रारंभ है।
---
#VillageLife, #DailyRoutine, #TravelBlog, #HomeTour, #FarmLife, #RuralLife, #DesiVibes, #VillageVlogs, #TraditionalLiving, #IndianCulture, , #DesiLife, #VillageTour, #FarmingLife, #RuralIndia, #IndianTradition, #CulturalVlog, #HeritageOfIndia, #IndianVillages, #VillageTourism, #TravelVlogs, , #FarmVlogs, #VillageCulture,
....
#shubhjourney
Follow us on Instagram / shubhjourneyofficial
/ sanjay_shubhjourney
/ sharda.swami
and On Facebook / shubhjourneyofficial
.............
#shubhjourney #vlogger #travel #youtuber #family #dailyvlog #daily #family #travel #travelvlog #traveling #traveller #village
Disclaimer: This video showcases real-life moments captured in a natural family environment. All individuals shown are safe, respected, and portrayed with care. The content is intended for positive, informative, and family-friendly sharing — not for sensationalism or exploitation of any kind. We are committed to maintaining dignity, privacy, and responsible storytelling in all our content.
We respect motherhood and natural parenting.
This video is meant to share real-life family moments, not to promote or sexualize any content.
Доступные форматы для скачивания:
Скачать видео mp4
-
Информация по загрузке: