तीन प्रकार के कर्म- 3 Types of Karma– मुक्ति की ओर गीता का मार्ग
Автор: Peacewithyourself
Загружено: 2025-05-18
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🔱 तीन प्रकार के कर्म – मुक्ति की ओर गीता का मार्ग | संचित, प्रारब्ध और क्रियमाण कर्म का रहस्य 🔱
क्या कभी आपने सोचा है कि कुछ घटनाएँ हमारे जीवन में पहले से तय लगती हैं, जबकि कुछ हमारे कर्मों और निर्णयों से बदल जाती हैं? यह कोई संयोग नहीं है—यह है कर्म का गूढ़ विज्ञान, जिसे भगवान श्रीकृष्ण ने भगवद गीता में विस्तार से समझाया है।
इस अद्भुत, तीन-भागीय ज्ञानयात्रा में हम गहराई से समझते हैं:
🌀 संचित कर्म – हमारे पिछले जन्मों के असंख्य कर्मों का भंडार, जो हमारे गुणों, प्रवृत्तियों और जन्म की प्रकृति को प्रभावित करता है।
🎯 प्रारब्ध कर्म – वह कर्म जो इस जन्म में फल देने के लिए "सक्रिय" हो चुका है, जिसे कोई टाल नहीं सकता—जैसे चल चुकी तीर।
🌱 क्रियमाण कर्म – हमारे वर्तमान कर्म, जो आज हम बो रहे हैं और जो हमारे भविष्य को गढ़ेंगे—यही है हमारा वास्तविक नियंत्रण बिंदु।
💠 इस वीडियो में हम जानेंगे:
कैसे इन तीनों प्रकार के कर्म जीवन को चलाते हैं?
कैसे संचित कर्म को साधना, ज्ञान और भक्ति से जलाया जा सकता है?
कैसे प्रारब्ध कर्म को समझकर हम दुख में भी आत्मशांति पा सकते हैं?
कैसे क्रियमाण कर्म के माध्यम से हम आत्मविकास और मुक्ति का मार्ग चुन सकते हैं?
और अंततः, कैसे हम करकर्तृत्व के भाव से ऊपर उठकर कर्म के बंधनों से मुक्त हो सकते हैं?
🕉️ यह केवल एक विचार नहीं, बल्कि एक जीवन बदलने वाली अंतर्दृष्टि है—जो आपको कर्म के चक्र से ऊपर उठने की ओर ले जा सकती है।
📿 यदि आप आध्यात्मिक ज्ञान, आत्मबोध और मोक्ष के मार्ग की खोज में हैं, तो यह वीडियो आपके लिए है।
🙏 देखें, जानें, और आत्मा के गहनतम सत्य को अनुभव करें।
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