यहाँ Bhuwal Mata (भुवाल माता / भंवाल माता) के इतिहास, पूजा-पद्धति और मान्यताओं का सरल व सटीक
Автор: it's sushil $
Загружено: 2026-01-13
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🕉️ भुवाल माता कौन हैं?
भुवाल माता (जिसे कुछ जगहों पर भंवाल माता भी कहा जाता है) राजस्थान के नागौर ज़िले में विशेष रूप से पूजी जाने वाली देवी हैं। इन्हें देवी काली और ब्रह्माणी के रूप में पूजा जाता है — एक शक्तिशाली रूप (काली) और एक सौम्य/वात्सल्य रूप (ब्रह्माणी)। �
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📜 इतिहास (इतिहास / कथा)
🔹 प्राचीन स्थापना
स्थानीय मान्यता है कि माता पृथ्वी से स्वयं प्रकट हुईं और भक्तों को दर्शन दिए। �
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कहा जाता है कि मंदिर लगभग 800 साल से अधिक पुराना है और प्राचीन समय में इसी क्षेत्र में देवी की पूजा-परंपरा चली आ रही है। �
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🔹 डाकुओं से जुड़ी कथा
एक प्रसिद्ध लोककथा के अनुसार, डाकुओं के एक दल को राजा की सेना ने घेरा।
संकट में आए डाकुओं ने माता से प्रार्थना की और देवी ने उन्हें भेड़-बकरियों के झुंड में बदलकर रक्षा की।
इस चमत्कारी घटना के बाद डाकुओं ने माता को मंदिर बनवाकर सम्मान दिया। �
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