KHUD KO AZAD KAR LIYA HAMNE - A MELODIOUS DUET SONG/ ORIGINAL LYRICS - DR. M.T.KHAN
Загружено: 2026-01-18
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ORIGINAL LYRICS AND COMPOSITION BY DR. M. T. KHAN.
A.I. MUSICAL WAS DONE AT SUNO.COM.
जो मेरी ज़िंदगी यूँ अँधेरों में छुप कर रह गई
अनगिनत टूटते तारों की रोशनी जैसी हो गई
तुम्हारे शिकवों से अब कोई गिला न रहा
बंदिशें अब न रहीं कोई, रूह मेरी आज़ाद हो गई
वादा है मेरा, अब न उदास होंगे कभी हम
सीख लिया जीने का ये नया अंदाज़ हमने
पाबंदियों की अब न करेंगे फ़िक्र कोई
ज़िंदगी को कैसे जीना है सीख लिया हमने
भुलाकर वो गुज़री सभी बातें
निकल पड़े अकेली राहों पर
न गुज़रते लम्हों का कोई एहसास
न ऐतबार किसी के बुलाने पर
इस जिस्म से रूह को जुदा कर दिया हमने
भुला दीं सब बातें, खुद को फ़ना कर लिया हमने
बंदिशें तोड़ दीं, खुद को आज़ाद कर लिया हमने
बंदिशें तोड़ दीं, खुद को आज़ाद कर लिया हमने
खुद को आज़ाद कर लिया हमने
खुद को आज़ाद कर लिया हमने
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PRESENTATION BY - DR. M. M. KHAN
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