हर महीने की वदि तेरस को अपने घर में यह आराधना कथा पाठ चला कर रख देना मिलेगा अद्भुत सुख सौभाग्य।
Автор: Pardeep Rashmi
Загружено: 2026-01-16
Просмотров: 788
मेरु त्रयोदशी तप जैन धर्म का एक अत्यंत प्रभावशाली और चमत्कारी तप है,
जो पूर्व जन्म के भयानक कर्मों को भी क्षीण करने की शक्ति रखता है।
इस पावन कथा में आप जानेंगे—
👉 सगर्भा जीवों के शिकार जैसे महापाप का भयावह फल
👉 पिंगल राजकुमार के पंगुपन का वास्तविक कारण
👉 पूर्वभव के कर्मों की सच्ची कथा
👉 भगवान आदिनाथ (ऋषभदेव) के निर्वाण दिवस माघ कृष्ण त्रयोदशी का अद्भुत महात्म्य
👉 मेरु त्रयोदशी तप से रोग, बाधा, पाप और दुर्भाग्य का नाश
🌼 भगवान ऋषभदेव की वंदना व जाप का फल 🌼
भगवान ऋषभदेव—
जिन्होंने कर्मभूमि की स्थापना की,
जिन्होंने तप, संयम और मोक्ष का मार्ग दिखाया।
मेरु त्रयोदशी के दिन—
👉 12 नमोत्थुणं
👉 12 लोगस्स
👉 12 ऋषभदेव वंदना
व जाप करने से—
✨ जन्म-जन्मांतर के पाप शांत होते हैं
✨ रोग, भय और मानसिक कष्ट दूर होते हैं
✨ संतान, स्वास्थ्य और शांति की प्राप्ति होती है
✨ आत्मा मोक्ष मार्ग की ओर अग्रसर होती है
🕉️ महत्वपूर्ण संदेश
कर्म से कोई नहीं बच सकता,
पर धर्म से सब कुछ बदला जा सकता है।
जो व्यक्ति
👉 मेरु त्रयोदशी की आराधना करता है
👉 लोगस्स पाठ व नमोत्थुणं का पाठ करता या सुनता है
👉 ऋषभदेव की वंदना करता है
👉 इस कथा का श्रवण करता है
उसके जीवन में
शांति, समाधान और परमानंद अवश्य आता है।
#मेरुत्रयोदशी
#MeruTrayodashi
#JainKatha
#जैनकथा
#AdinathBhagwan
#आदिनाथ
#JainDharma
#KarmaKaFal
#पूर्वजन्म
#JainPravachan
#जैनतप
#धर्मकीशक्ति
#SpiritualIndia
#BhagwanMahavir
#Jainism
👉 लोगस्स पाठ व नमोत्थुणं का पाठ करता या सुनता है
👉 ऋषभदेव की वंदना करता है
👉 इस कथा का श्रवण करता है
उसके जीवन में
शांति, समाधान और परमानंद अवश्य आता है।
Доступные форматы для скачивания:
Скачать видео mp4
-
Информация по загрузке: