संविधान किसने लिखा और क्यों लिखा गया जाने इस वीडियो वीडियो में 🫵😯
Автор: ROCKY ROORKEE 01
Загружено: 2026-01-07
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🇮🇳 संविधान क्यों बनाया गया?
1947 में आज़ादी मिली,
लेकिन देश के सामने सबसे बड़ा सवाल था —
“अब इस देश को चलाया कैसे जाए?”
भारत सिर्फ़ ज़मीन का टुकड़ा नहीं था,
यहाँ थे —
अलग-अलग धर्म
अलग-अलग जातियाँ
अलग भाषाएँ
सैकड़ों रियासतें
करोड़ों ग़रीब और दबे-कुचले लोग
अगर कोई मज़बूत क़ानून नहीं बनता,
तो देश अराजकता में टूट सकता था।
👉 इसलिए एक ऐसा संविधान ज़रूरी था जो:
सबको बराबरी दे
शासक को सीमा में रखे
आम आदमी को अधिकार दे
देश को एक सूत्र में बाँधे
✍️ संविधान बनाने की शुरुआत
9 दिसंबर 1946 – संविधान सभा की पहली बैठक
डॉ. भीमराव अंबेडकर को
👉 ड्राफ्टिंग कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया
यहीं से असली संघर्ष शुरू हुआ…
⚔️ संविधान बनाते समय सबसे बड़ी परेशानियाँ
1️⃣ जाति और छुआछूत का सवाल
कुछ लोग चाहते थे कि
जाति व्यवस्था बनी रहे
बराबरी सिर्फ़ काग़ज़ों में हो
लेकिन डॉ. अंबेडकर ने साफ़ कहा:
“जब तक समाज में बराबरी नहीं होगी,
राजनीतिक आज़ादी बेकार है।”
👉 इसलिए संविधान में:
छुआछूत अपराध बनी
समान अधिकार लिखे गए
2️⃣ धर्म बनाम संविधान
कुछ लोग भारत को
धर्म आधारित राष्ट्र बनाना चाहते थे
अंबेडकर का जवाब था:
“राज्य का कोई धर्म नहीं होता,
धर्म व्यक्ति का निजी विषय है।”
👉 इसलिए भारत बना: धर्मनिरपेक्ष (Secular) राष्ट्र
3️⃣ महिलाओं के अधिकार
उस समय महिलाओं को:
वोट
संपत्ति
बराबरी
देने का विरोध हुआ
लेकिन संविधान ने साफ़ लिखा: 👉 स्त्री और पुरुष बराबर हैं
4️⃣ भाषा का झगड़ा
कोई हिंदी चाहता था
कोई अंग्रेज़ी
कोई अपनी क्षेत्रीय भाषा
देश टूट सकता था…
👉 समाधान:
हिंदी + अंग्रेज़ी
साथ में सभी भाषाओं को सम्मान
5️⃣ रियासतों को जोड़ना
500 से ज़्यादा रियासतें
अपना अलग-अलग क़ानून चाहती थीं
👉 संविधान ने:
एक भारत – एक कानून बनाया
😔 डॉ. अंबेडकर की निजी पीड़ा
उन्हें बार-बार अपमानित किया गया
कहा गया:
“ये आदमी बहुत ज़्यादा अधिकार दे रहा है”
कई प्रस्ताव रोके गए
लेकिन अंबेडकर रुके नहीं।
उन्होंने कहा:
“मैं ऐसा संविधान नहीं बनाऊँगा
जो सिर्फ़ अमीरों के काम आए।”
📜 संविधान तैयार हुआ
2 साल 11 महीने 18 दिन
11 सत्र
114 दिन बहस
👉 26 नवंबर 1949
संविधान अपनाया गया
👉 26 जनवरी 1950
देश में लागू हुआ
🔥 संविधान का असली मक़सद
संविधान सिर्फ़ क़ानून नहीं है —
यह:
ग़रीब की ढाल है
दबे हुए की आवाज़ है
लोकतंत्र की रीढ़ है
डॉ. अंबेडकर ने कहा:
“संविधान कितना भी अच्छा क्यों न हो,
अगर उसे लागू करने वाले अच्छे नहीं होंगे
तो वह बेकार हो जाएगा )
अगर आप भारत से हो
तो प्लीज अंबेडकर की मेहनतको देखते हुए
कमेंट में कुछ लिखे ज़रूर
जय भीम के संविधान 🇮🇳🙏
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