सांख्य दर्शन की सम्पूर्ण व्याख्या (भाग 1): पुरुष और प्रकृति | Sāṃkhya Philosophy Explained
Автор: Darshan Decode
Загружено: 2025-04-02
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यह वीडियो सांख्य दर्शन की गहन श्रृंखला का पहला भाग है, जिसमें हम पुरुष और प्रकृति (Purusha & Prakriti) की अवधारणा का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत कर रहे हैं। सांख्य दर्शन के सिद्धांतों, त्रिगुण सिद्धांत, और सृष्टि की उत्पत्ति के विचारों को सरल और स्पष्ट भाषा में समझाया गया है।
✅ सांख्य दर्शन का मूल उद्देश्य और महत्व।
✅ पुरुष और प्रकृति की अवधारणा (Purusha & Prakriti) का गहन विश्लेषण।
✅ त्रिगुण सिद्धांत और इसके तत्व।
✅ सांख्य दर्शन में सृष्टि की उत्पत्ति का सिद्धांत।
Timestamps:
0:00 - परिचय
0:56 - षड दर्शन और सांख्य दर्शन
2:01 - सांख्य दर्शन का अर्थ
2:40 - महर्षि कपिल और सांख्य सूत्र
3:01 - दुखों का अंत और मोक्ष
4:47 - सांख्य दर्शन का द्वैतवाद: पुरुष और प्रकृति
5:22 - पुरुष: चेतना का सिद्धांत
6:58 - पुरुष का अस्तित्व: सांख्य के तर्क
8:23 - प्रकृति: जड़ जगत का मूल कारण
9:23 - प्रकृति के तीन गुण: सत्व, रजस और तमस।
11:16 - प्रकृति का अस्तित्व: सांख्य के तर्क
12:16 - सत्कार्यवाद का सिद्धांत
13:50 - सृष्टि की उत्पत्ति: पुरुष और प्रकृति का सानिध्य।
15:02 - सांख्य दर्शन के मूलभूत सिद्धांत: सारांश
15:26 - आगामी चर्चा: सृष्टि का विकास और मोक्ष मार्ग
15:58 - समापन
🎥 यह वीडियो आपके लिए उपयोगी होगा यदि आप भारतीय दर्शन, सांख्य दर्शन, भर्तृहरि के सिद्धांत, शब्द ब्रह्म, स्फोट सिद्धांत और अन्य गूढ़ विषयों में गहरी रुचि रखते हैं।
👉 अगले भाग में हम सांख्य दर्शन के अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं की चर्चा करेंगे। इस श्रृंखला को पूरा देखने के लिए चैनल को सब्सक्राइब करें और बेल आइकन दबाएं।
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