Популярное

Музыка Кино и Анимация Автомобили Животные Спорт Путешествия Игры Юмор

Интересные видео

2025 Сериалы Трейлеры Новости Как сделать Видеоуроки Diy своими руками

Топ запросов

смотреть а4 schoolboy runaway турецкий сериал смотреть мультфильмы эдисон
dTub
Скачать

नर्मदा परिक्रमा में दो से ज्यादा लोग हों तो क्यों हो जाता है आपस में झगड़ा । गूढ़ आध्यात्मिक रहस्य

Автор: BrajSe

Загружено: 2025-07-05

Просмотров: 7823

Описание:

नर्मदा परिक्रमा में दो से ज्यादा लोग हों तो क्यों हो जाता है आपस में झगड़ा । गूढ़ आध्यात्मिक रहस्य

#narmada
#narmadaparikrama
#brajse
#vlog

श्री जंगल वाली माता आश्रम
झाँसीघाट, श्रीधाम (गोटेगाँव)
ज़िला - नरसिंहपुर (मप्र)

नर्मदा नदी मध्य प्रदेश और गुजरात की जीवन रेखा है, परंतु इसका अधिकतर भाग मध्यप्रदेश में ही बहता है।

मध्यप्रदेश के तीर्थ स्थल अमरकंटक से इसका उद्गम होता है और नेमावर नगर में इसका नाभि स्थल है। फिर ओंकारेश्वर होते हुए ये नदी गुजरात में प्रवेश करके खम्भात की खाड़ी में इसका विलय हो जाता है।

नर्मदा नदी के तट पर कई प्राचीन तीर्थ और नगर हैं। हिन्दू पुराणों में इसे रेवा नदी कहते हैं। इसकी परिक्रमा का बहुत ही ज्यादा महत्व है।

नर्मदा का उद्गम स्थल : अमरकंटक में कोटितार्थ मां नर्मदा का उद्गम स्थल है। यहां सफेद रंग के लगभग 34 मंदिर हैं। यहां नर्मदा उद्गम कुंड है, जहां से नर्मदा नदी का उद्गम है जहां से नर्मदा प्रवाहमान होती है।

मंदिर परिसरों में सूर्य, लक्ष्मी, शिव, गणेश, विष्णु आदि देवी-देवताओं के मंदिर है। समुद्रतल से अमरकंटक 3600 फीट की ऊंचाई पर स्थित अमरकंटक को नदियों की जननी कहा जाता है।

यहां से लगभग पांच नदियों का उद्गम होता है जिसमें नर्मदा नदी, सोन नदी और जोहिला नदी प्रमुख है। नर्मदा की कुल 41 सहायक नदियां हैं। उत्तरी तट से 19 और दक्षिणी तट से 22। नर्मदा बेसिन का जलग्रहण क्षेत्र एक लाख वर्ग किलोमीटर है।

यह देश के भौगोलिक क्षेत्रफल का तीन और मध्य प्रदेश के क्षेत्रफल का 28 प्रतिशत है। नर्मदा की आठ सहायक नदियां 125 किलोमीटर से लंबी हैं। मसलन- हिरन 188, बंजर 183 और बुढ़नेर 177 किलोमीटर।

मगर लंबी सहित डेब, गोई, कारम, चोरल, बेदा जैसी कई मध्यम नदियों का हाल भी गंभीर है। सहायक नदियों के जलग्रहण क्षेत्र में जंगलों की बेतहाशा कटाई से ये नर्मदा में मिलने के पहले ही धार खो रही हैं।

नर्मदा यात्रा कब : नर्मदा परिक्रमा या यात्रा दो तरह से होती है। पहला हर माह नर्मदा पंचक्रोशी यात्रा होती है और दूरे नर्मदा की परिक्रमा होती है। प्रत्येक माह होने वाली पंचक्रोशी यात्रा की तिथि कैलेंडर में दी हुई होती है। यह यात्रा तीर्थ नगरी अमरकंटक, ओंकारेश्वर और उज्जैन से प्रारंभ होती है। जहां से प्रारंभ होती है वहीं पर समाप्त होती है।


परिक्रमा मार्ग : अमरकंटक, माई की बगिया से नर्मदा कुंड, मंडला, जबलपुर, भेड़ाघाट, बरमानघाट, पतईघाट, मगरोल, जोशीपुर, छपानेर, नेमावर, नर्मदासागर, पामाखेड़ा, धावड़ीकुंड, ओंकारेश्‍वर, बालकेश्‍वर, इंदौर, मंडलेश्‍वर, महेश्‍वर, खलघाट, चिखलरा, धर्मराय, कातरखेड़ा, शूलपाड़ी की झाड़ी, हस्तीसंगम, छापेश्वर, सरदार सरोवर, गरुड़ेश्वर, चंदोद, भरूच। इसके बाद लौटने पर पोंडी होते हुए बिमलेश्वर, कोटेश्वर, गोल्डन ब्रिज, बुलबुलकंड, रामकुंड, बड़वानी, ओंकारेश्वर, खंडवा, होशंगाबाद, साडिया, बरमान, बरगी, त्रिवेणी संगम, महाराजपुर, मंडला, डिंडोरी और फिर अमरकंटक।

नर्मदा तट के तीर्थ : वैसे तो नर्मदा के तट पर बहुत सारे तीर्थ स्थित है लेकिन यहां कुछ प्रमुख तीर्थों की लिस्ट। अमरकंटक, मंडला (राजा सहस्रबाहु ने यही नर्मदा को रोका था), भेड़ा-घाट, होशंगाबाद (यहां प्राचीन नर्मदापुर नगर था), नेमावर, ॐकारेश्वर, मंडलेश्वर, महेश्वर, शुक्लेश्वर, बावन गजा, शूलपाणी, गरुड़ेश्वर, शुक्रतीर्थ, अंकतेश्वर, कर्नाली, चांदोद, शुकेश्वर, व्यासतीर्थ, अनसूयामाई तप स्थल, कंजेठा शकुंतला पुत्र भरत स्थल, सीनोर, अंगारेश्वर, धायड़ी कुंड और अंत में भृगु-कच्छ अथवा भृगु-तीर्थ (भडूच) और विमलेश्वर महादेव तीर्थ।

क्यों : रहस्य और रोमांच से भरी यह यात्रा बहुत ही महत्वपूर्ण होती है। पुराणों में इस नदी पर एक अलग ही रेवाखंड नाम से विस्तार में उल्लेख मिलता है। हिन्दू धर्म में परिक्रमा का बड़ा महत्त्व है। परिक्रमा से अभिप्राय है कि सामान्य स्थान या किसी व्यक्ति के चारों ओर उसकी बाहिनी तरफ से घूमना।

इसको 'प्रदक्षिणा करना' भी कहते हैं, जो षोडशोपचार पूजा का एक अंग है। नर्मदा परिक्रमा या यात्रा एक धार्मिक यात्रा है। जिसने भी नर्मदा या गंगा में से किसी एक की परिक्रमा पूरी कर ली उसने अपनी जिंदगी का सबसे बड़ा काम कर लिया।

उसने मरने से पहले वह सब कुछ जान लिया, जो वह यात्रा नहीं करके जिंदगी में कभी नहीं जान पाता। नर्मदा की परिक्रमा का ही ज्यादा महत्व रहा है। नर्मदाजी की प्रदक्षिणा यात्रा में एक ओर जहां रहस्य, रोमांच और खतरे हैं वहीं अनुभवों का भंडार भी है।

इस यात्रा के बाद आपकी जिंदगी बदल जाएगी। कुछ लोग कहते हैं कि यदि अच्छे से नर्मदाजी की परिक्रमा की जाए तो नर्मदाजी की परिक्रमा 3 वर्ष 3 माह और 13 दिनों में पूर्ण होती है, परंतु कुछ लोग इसे 108 दिनों में भी पूरी करते हैं।

परिक्रमावासी लगभग 1,312 किलोमीटर के दोनों तटों पर निरंतर पैदल चलते हुए परिक्रमा करते हैं। श्रीनर्मदा प्रदक्षिणा की जानकारी हेतु तीर्थस्थलों पर कई पुस्तिकाएं मिलती हैं।

नर्मदाजी वैराग्य की अधिष्ठात्री मूर्तिमान स्वरूप है। गंगाजी ज्ञान की, यमुनाजी भक्ति की, ब्रह्मपुत्रा तेज की, गोदावरी ऐश्वर्य की, कृष्णा कामना की और सरस्वतीजी विवेक के प्रतिष्ठान के लिए संसार में आई हैं। सारा संसार इनकी निर्मलता और ओजस्विता व मांगलिक भाव के कारण आदर करता है व श्रद्धा से पूजन करता है।

मानव जीवन में जल का विशेष महत्व होता है। यही महत्व जीवन को स्वार्थ, परमार्थ से जोडता है। प्रकृति और मानव का गहरा संबंध है। यह नदी विश्व की पहली ऐसी नदी है जो अन्य नदियों की अपेक्षा विपरीत दिशा में बहती है।

नर्मदा परिक्रमा में दो से ज्यादा लोग हों तो क्यों हो जाता है आपस में झगड़ा । गूढ़ आध्यात्मिक रहस्य

Поделиться в:

Доступные форматы для скачивания:

Скачать видео mp4

  • Информация по загрузке:

Скачать аудио mp3

Похожие видео

तीन बार पैदल परिक्रमा कर चुके युवा संत से जानिये नर्मदा परिक्रमा क्यों, कब और कैसे करें

तीन बार पैदल परिक्रमा कर चुके युवा संत से जानिये नर्मदा परिक्रमा क्यों, कब और कैसे करें

🚶‍♂️नर्मदा परिक्रमा दिवस 19-20 |भादल गांव➡️ खपर माल➡️ धनाजे गांव, धडगांव तहसील |शूलपानी जंगल यात्रा🙏

🚶‍♂️नर्मदा परिक्रमा दिवस 19-20 |भादल गांव➡️ खपर माल➡️ धनाजे गांव, धडगांव तहसील |शूलपानी जंगल यात्रा🙏

✅शनि शिंगणापुर का रहस्य- आखिर क्यों नहीं लगाते घरों में दरवाजा | Mystery of Shani Shingnapur |

✅शनि शिंगणापुर का रहस्य- आखिर क्यों नहीं लगाते घरों में दरवाजा | Mystery of Shani Shingnapur |

Ep- 120 Narmada Parikrama 🙏!! जंगल का अंधेरा और दौड़ती परिक्रमा की कहानी🙏🙏

Ep- 120 Narmada Parikrama 🙏!! जंगल का अंधेरा और दौड़ती परिक्रमा की कहानी🙏🙏

नर्मदा परिक्रमा 2025Day 25 धनेश्वर महादेव मंदिर रामपुरा से संत ज्ञानेश्वर मॉ नर्मदा सेवा आश्रम जियोर

नर्मदा परिक्रमा 2025Day 25 धनेश्वर महादेव मंदिर रामपुरा से संत ज्ञानेश्वर मॉ नर्मदा सेवा आश्रम जियोर

नर्मदा परिक्रमा पैदल सेग़पुरा आश्रम से कुंभेश्वर आश्रम जीओरपाटी मंदिर दर्शन 20 दिन 24/11/2025 मंदिर

नर्मदा परिक्रमा पैदल सेग़पुरा आश्रम से कुंभेश्वर आश्रम जीओरपाटी मंदिर दर्शन 20 दिन 24/11/2025 मंदिर

माताएँ एवं बहनें नर्मदा परिक्रमा कैसे करें । दो बार पैदल परिक्रमा कर चुकीं साध्वी राधिका जी से जानें

माताएँ एवं बहनें नर्मदा परिक्रमा कैसे करें । दो बार पैदल परिक्रमा कर चुकीं साध्वी राधिका जी से जानें

एक सिद्ध संत जिनका दिया वचन कभी खाली नहीं जाता।मां नर्मदा के तट पर सत्तू बाटी व रबड़ी की भोजन प्रसाद

एक सिद्ध संत जिनका दिया वचन कभी खाली नहीं जाता।मां नर्मदा के तट पर सत्तू बाटी व रबड़ी की भोजन प्रसाद

‘लिव इन रिलेशन’ वाले विवाद पर साध्वी राधिका दीदी ने बताया ‘गंदगी’ के असली गटर का पता

‘लिव इन रिलेशन’ वाले विवाद पर साध्वी राधिका दीदी ने बताया ‘गंदगी’ के असली गटर का पता

Множество находок на австралийском пляже. Коп с MD The Legend.

Множество находок на австралийском пляже. Коп с MD The Legend.

नर्मदा जी की परिक्रमा के बाद बदल गई कम्पनी के CEO की जिंदगी | Ehasas Prakrati Ka

नर्मदा जी की परिक्रमा के बाद बदल गई कम्पनी के CEO की जिंदगी | Ehasas Prakrati Ka

3000 km Narmada Parikrama on foot Day :-6 || Narmada Mata 2025 on foot || Narmada Parikarma

3000 km Narmada Parikrama on foot Day :-6 || Narmada Mata 2025 on foot || Narmada Parikarma

विमलेश्वर से मिठी तलाई तक का सफर माँ नर्मदा पैदल परिक्रमा यात्रा मे, एक अदभुत अनुभव नर्मदे हर..🙏

विमलेश्वर से मिठी तलाई तक का सफर माँ नर्मदा पैदल परिक्रमा यात्रा मे, एक अदभुत अनुभव नर्मदे हर..🙏

सुलपानी झाड़ी के आदिवासी लोग परिक्रमावासी के साथ कैसा व्यवहार करते हैं 🔥 #narmada #travel_for_you 💯

सुलपानी झाड़ी के आदिवासी लोग परिक्रमावासी के साथ कैसा व्यवहार करते हैं 🔥 #narmada #travel_for_you 💯

झाड़ू, पौंछा, बर्तन, रसोई आदि सेवा से होती है आध्यात्मिक उन्नति । नीलम बाबा के अनुभव

झाड़ू, पौंछा, बर्तन, रसोई आदि सेवा से होती है आध्यात्मिक उन्नति । नीलम बाबा के अनुभव

Ep- 151 Narmada Parikrama 🙏!! नर्मदा परिक्रमा सिर्फ यात्रा नहीं एक तपस्या है🙏🙏

Ep- 151 Narmada Parikrama 🙏!! नर्मदा परिक्रमा सिर्फ यात्रा नहीं एक तपस्या है🙏🙏

Narmada parikrima padel yatra baba ji se gyan liya

Narmada parikrima padel yatra baba ji se gyan liya

इंजीनियरिंग दंपत्ति दुनिया की सुविधाएं छोड़कर, मां नर्मदा के तट पर बड़े प्रेम भाव से भोजन कराते हैं

इंजीनियरिंग दंपत्ति दुनिया की सुविधाएं छोड़कर, मां नर्मदा के तट पर बड़े प्रेम भाव से भोजन कराते हैं

लक्कड़ कोट जंगल की सबसे सुंदर जगह Day-113,Part-2 #नर्मदापरिक्रमा #रामरामइंडिया #narmdaparikrma

लक्कड़ कोट जंगल की सबसे सुंदर जगह Day-113,Part-2 #नर्मदापरिक्रमा #रामरामइंडिया #narmdaparikrma

नर्मदा परिक्रमा दिवस 23–24 | शूलपानी झाड़ी से मोल्गी, मोकस होते हुए माथासर तक की दिव्य यात्रा |

नर्मदा परिक्रमा दिवस 23–24 | शूलपानी झाड़ी से मोल्गी, मोकस होते हुए माथासर तक की दिव्य यात्रा |

© 2025 dtub. Все права защищены.



  • Контакты
  • О нас
  • Политика конфиденциальности



Контакты для правообладателей: [email protected]