65_Govardhan Girivar Keval Nirijan | Part-02 | Yugal Upasana || Premdhara Mataji || 171021
Автор: Premdhara
Загружено: 2021-10-16
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श्रीनित्यानंद प्रभु के प्रेम की मूर्ति श्रील नरोत्तम दास ठाकुर महाश्य द्वारा विरचित "श्री प्रेमभक्ति चन्द्रिका" ग्रन्थ और "प्रार्थना" वैष्णव जगत की अमूल्य भजन संपदा है | जो सारगर्भित उपदेश के रूप में प्रत्येक उपासक के लिए नित्यपाठ्य है | ऐसा सरल , संक्षिप्त ,सद्भ्कती पूरित साधक का परम हितकारी ग्रथ जगत में अति विरल है |सरल बंगभाषा में सुललित पद छंदों में रचित ये ग्रन्थ नित्यलीला प्रविष्ट श्री श्री अन्नतदास बाबाजी के द्वारा "सुधाकणिका" नामक विस्तृत व्याख्या के साथ प्रकशित है | श्री गुरु महाराज के आश्रित श्री पप्रेमधारा माताजी के द्वारा गुरु महाराज जी की व्याख्यो का अस्वादन |
श्री मन महाप्रभु के प्रिये पार्षदो के दु:सह विरह में व्याकुल हो अविरत माहाआर्ती से भरा रोदन ही प्रार्थना और प्रेमभक्ति चन्द्रिका के रूप में प्रकशित हुआ है | श्री
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#radhakrishnapranmor #yugalkishor #SrinarottamDas
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