श्याम बाबा का चमत्कार! पीपल के पत्तों में आज भी हैं छेद, महाभारत के बर्बरीक से जुड़ी है घटना
Автор: News18 Haryana
Загружено: 2023-06-14
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सुमित भारद्वाज/पानीपत: जिले के समालखा कस्बे से पांच किलोमीटर दूर चुलकाना गांव अब सिर्फ गांव न रहकर, धाम के नाम से प्रसिद्ध है. श्री श्याम खाटू वाले का प्राचीन ऐतिहासिक मंदिर चुलकाना में है. चुलकाना धाम को कलयुग का सर्वोत्तम तीर्थ माना गया है. चुलकाना धाम का संबंध महाभारत से है.
मान्यता है कि चुलकाना धाम में आज भी पीपल का वह पेड़ है, जिसके समस्त पत्तों में सिर्फ एक बाण से बर्बरीक ने छेद कर दिए थे. इस पीपल के पेड़ के पत्तों में आज भी छेद दिख जाते हैं. आज इस पीपल के पेड़ पर लोग अपनी मनोकामना पूरी करने के लिए उसकी परिक्रमा करते हैं और मन्नत का धागा बाधते हैं. माना जाता है कि यहां पर मन्नत का धागा बांधने से लोगों की मनोकामना पूर्ण होती है.
तब दिखाया था चमत्कार
मान्यता है कि पांडव पुत्र भीम के पुत्र घटोत्कच का विवाह दैत्य पुत्री कामकटंकटा के साथ हुआ था. इन दोनों के पुत्र बर्बरीक थे. बर्बरीक को महादेव एवं विजया माता की कृपा से शक्तियां प्राप्त थीं. बर्बरीक जब महाभारत युद्ध में जा रहे थे, तभी श्रीकृष्ण ने ब्राह्मण का वेष धारण कर बर्बरीक की परीक्षा ली थी और तभी उन्होंने अपने एक ही बाण से पीपल के सभी पत्तों में एक साथ छेद कर दिया था.
श्रीकृष्ण ने मांग लिया था सिर
मान्यता के अनुसार, बर्बरीक की शक्ति को जानकर ब्राह्मण रूप में श्री कृष्ण ने कहा... जो मैं मागूंगा क्या तुम वह दोगे. बर्बरीक ने कहा कि मेरे पास देने के लिए कुछ नहीं है, फिर भी आपकी दृष्टि में कुछ है तो मैं देने के लिए तैयार हूं. श्री कृष्ण ने शीश का दान मांगा. बर्बरीक ने कहा कि मैं शीश दान दूंगा, लेकिन एक ब्राह्मण कभी शीश दान नहीं मांगता. आप सच बताएं कौन हैं? तब श्रीकृष्ण अपने वास्तविक रूप में प्रकट हुए और कहा कि इस युद्ध की सफलता के लिए किसी महाबली की बली चाहिए. धरती पर तीन वीर महाबली हैं मैं, अर्जुन और तीसरे तुम. क्योंकि तुम पांडव कुल से हो, रक्षा के लिए तुम्हारा बलिदान सदैव याद रखा जाएगा. बर्बरीक ने देवी देवताओं का वंदन किया और माता को नमन कर एक ही वार में शीश को धड़ से अलग कर श्री कृष्ण को दान कर दिया. श्री कृष्ण ने शीश को अपने हाथ में लेकर अमृत से सींचकर अमर करते हुए एक टीले पर रखवा दिया.
चुलकाना धाम की प्रसिद्ध दूर दूर तक
ग्रामीण सोनू शर्मा ने बताया कि चुलकाना धाम दूर दूर तक प्रसिद्ध हो गया है. श्याम बाबा के दर्शन के लिए हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली समेत अन्य राज्यों से भक्त आते हैं. मंदिर में श्याम बाबा के अलावा हनुमान, कृष्ण बलराम, शिव परिवार सहित अन्य देवी देवताओं की मूर्तियां स्थापित हैं.
एकादशी व द्वादशी पर लगता मेला
श्री श्याम मंदिर सेवा समिति के प्रधान रोशन लाल ने बताया कि हर रविवार, एकादशी व द्वाद्वशी को श्याम बाबा के दर्शन करने कब लिए दूर दराज से लाखों की तादाद में भक्त मंदिर में आकर कर सुख समृद्धि की कामना करते हैं.
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