जब मृत्यु निकट हो तो क्या करें? | राजा परीक्षित और सुखदेव जी का अद्भुत संवाद | Premanand ji maharaj
Автор: Katha OR Satya
Загружено: 2026-01-10
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श्रीमद्भागवत महापुराण के अनुसार, जब मृत्यु सामने खड़ी हो, तो जीवात्मा को क्या करना चाहिए? शुकदेव जी ने राजा परीक्षित को जो उपदेश दिया, वह न केवल मरने वाले व्यक्ति के लिए बल्कि जीवन जीने वाले हर साधक के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इस वीडियो में सुनिए कि कैसे शुकदेव जी ने भयमुक्त होकर शरीर त्यागने की विधि, भगवान के विराट स्वरूप का ध्यान और मोक्ष प्राप्ति का मार्ग बताया है।
अध्याय (Timestamps):
00:00 - परिचय और मंगलाचरण
00:59 - राजा परीक्षित का मुख्य प्रश्न: "मरणासन्न व्यक्ति को क्या करना चाहिए?"
02:15 - अभय पद (मोक्ष) पाने का एकमात्र उपाय: किसका स्मरण और कीर्तन करें?
04:00 - अंत समय में मोह का त्याग: योगी शरीर कैसे छोड़ता है?
05:51 - विराट स्वरूप का वर्णन: भगवान के शरीर में ब्रह्मांड का दर्शन
12:47 - हृदय में भगवान का ध्यान कैसे करें?
13:49 - ज्ञान दृष्टि और जीवन मुक्त महापुरुष की स्थिति
14:55 - सकाम भक्ति: धन, पुत्र, विद्या या स्वर्ग के लिए किसकी उपासना करें?
17:20 - निष्काम भक्ति: परम शांति और आनंद का मार्ग
19:00 - शुकदेव जी द्वारा भगवान श्री कृष्ण की वंदना
वीडियो के मुख्य बिंदु:
मृत्यु के भय को कैसे जीतें।
भगवान के विराट रूप में पाताल से लेकर स्वर्ग तक की स्थिति।
सकाम कर्म vs निष्काम भक्ति (मोक्ष का मार्ग)।
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