मेरे दामाद ने घर बेच दिया, मेरी बेटी को बेघर कर दिया। जो मैंने उसके बाद किया, वह कभी नहीं भूल पाएगा।
Автор: पर्दा उठा सच
Загружено: 2025-12-04
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😨 जब मैंने अपने घर के सामने अपनी बेटी को सूटकेस लेकर बैठा देखा, चेहरे पर चोट के निशान और आंखों में आंसू, तो पहले तो मुझे लगा कि मैं कोई बुरा सपना देख रही हूं। लेकिन जब उसने कांपती आवाज़ में कहा कि उसका घर बिक गया है और उसे घर से निकाल दिया गया है, तो मेरे पैरों तले ज़मीन खिसक गई।
💔 वो घर जो मैंने अपने दिवंगत पति की आखिरी निशानी के रूप में अपनी इकलौती बेटी के नाम किया था, वो घर जिसमें मेरे सपने और उसका भविष्य था, वो ४२ लाख रुपये में बेच दिया गया था। लेकिन कैसे? मेरी बेटी ने तो कभी वो घर बेचने की बात भी नहीं की थी।
मैं एक सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी हूं, ३५ साल तक मैंने धोखाधड़ी पहचान विभाग में काम किया। मैंने सैकड़ों मामले देखे हैं, लेकिन जब मेरी अपनी बेटी के साथ ऐसा हुआ, तो मुझे लगा जैसे मेरी पूरी दुनिया उजड़ गई हो। उसकी शादी ४ साल पहले एक सभ्य परिवार में बहुत धूमधाम से हुई थी। सब कुछ तो ठीक लग रहा था।
😢 धीरे धीरे जब अंजलि ने मुझे पूरी कहानी सुनाई, तो मुझे समझ आया कि मेरी बेटी के साथ क्या षड्यंत्र रचा गया था। उसके हस्ताक्षर किसने नकली बनाए? घर कैसे बिका? और सबसे बड़ी बात, क्या मैं अपनी बेटी को न्याय दिला पाऊंगी?
⚖️ मेरे पास सिर्फ एक रास्ता था, अपने ३५ साल के बैंकिंग अनुभव का इस्तेमाल करना। लेकिन क्या मैं इस जटिल धोखाधड़ी को साबित कर पाऊंगी? क्या सबूत मिलेंगे? और क्या कानून मेरी बेटी का साथ देगा?
यह कहानी सिर्फ एक माँ और बेटी की नहीं है, यह उन सभी महिलाओं की कहानी है जो आर्थिक धोखाधड़ी का शिकार होती हैं। देखिए कैसे एक माँ ने अपनी बेटी के लिए लड़ाई लड़ी, और क्या हुआ जब सच्चाई सामने आई।
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