Bheru Nath Bhajan - सुवह सवेरे देखा एक सपना || भैरव भजन || Suvah Savare Dekha ek Sapna || Bhairav
Автор: Satya Narayan Tewari,Pareek Bhajans
Загружено: 2021-02-20
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This recording belongs to the album Bhairav Bhajan Mala - 4.
सुवह सवेरे देखा एक सपना by SatyaNarayan Tewari, Pareek
Lyrics :
सुबह सवेरे देखा एक सपना ,भैरुनाथ पधारे घर के अंगना ,
रूप सलोना गल बिच माल पड़ी है -२
स्वान सवारी संग मे जोगणियां खड़ी है ||
देख के चितवन बालरूप की सुध बुध सारी भूल गया -२
बटुक छवि के दर्शन करके मन ही मन में फूल गया -२
धन्य हुवा है जीवन ये घड़ी है -२ ||
स्वान सवारी संग मे जोगणियां खड़ी है ||
गौर वर्ण पीताम्बर प्यारा मंज़र बड़ा लुभाना था -२
मधुर हँसी प्रभु के मुख मंडल दर्शन बड़ा सुहाना था -२
बाबा की मुझपे भगतो किरपा बड़ी है -२ ||
स्वान सवारी संग मे जोगणियां खड़ी है ||
अश्रुधारा से जब मैंने श्री चरणों को धुलवाया-२
भैरुनाथ ने बड़े प्रेम से मस्तक मेरा सहलाया-२
मैहर की निगाहें इनकी मुझपे पड़ी है -२ ||
स्वान सवारी संग मे जोगणियां खड़ी है ||
चाहे सपने मे ही आवो नाथ यू ही आते रहना -२
भक्त दीवाने की आँखों को दर्शन दिखलाते रहना-२
आँखों में प्यारे तेरी खुमारी चढ़ी है -२ ||
स्वान सवारी संग मे जोगणियां खड़ी है ||
Contact : bhajans.snt@gmail.com
Music By : Chandan Jaiswal
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