भक्त लाखा जी.. भाग (सात)
Автор: आदर्श भक्त कथा
Загружено: 2026-01-18
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भक्त लाखा बंजारे की कथा के अंतिम भाग(7) में श्री जगन्नाथ भगवान अपने भक्त से कह रहे हैं कि आज से तुम मेरे साथ मंदिर में ही रहोगे तो लाखा जी बोले अरे प्रभु मैं आप के संग भला कैसे रह सकूं, यहां आप रोज लड्डू , माल पुआ खाओ वो मौकों भी खाने पड़ेंगे फिर शौच के लिए मंदिर से बाहर कैसे जाऊंगा अतः मैं नहीं रहूंगा।कथा बड़ी रोचक है।आप स्वयं आगे श्रवण करें।
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