हिंदी मेरी माँ || कवि सुरेश राठौड़ || Hindi Meri maa ||(पुस्तक- कुछ तुम बोलो कुछ मैं बोलूं)
Автор: Sureshrathore7773
Загружено: 2026-01-02
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हिंदी मेरी माँ
कवि: सुरेश राठौड़
(पुस्तक – “कुछ तुम बोलो कुछ मैं बोलूं”)
“हिंदी मेरी माँ” एक भावनात्मक और राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत काव्य रचना है, जिसमें हिंदी भाषा को माँ के समान सम्मान, स्नेह और गौरव के रूप में प्रस्तुत किया गया है। यह कविता हिंदी की मधुरता, संस्कारों और सांस्कृतिक विरासत को सरल एवं हृदयस्पर्शी शब्दों में अभिव्यक्त करती है।
कवि सुरेश राठौड़ इस रचना के माध्यम से यह संदेश देते हैं कि हिंदी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि हमारी पहचान, भावना और आत्मा है। यह कविता हर उस व्यक्ति के लिए है जो अपनी मातृभाषा से प्रेम करता है और उसे सम्मान देना चाहता है।
यह काव्य पाठ श्रोताओं के मन में देशप्रेम, भाषा-गौरव और सांस्कृतिक चेतना को जागृत करता है।
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हिंदी भाषा के सम्मान में यह एक छोटा-सा प्रयास है।
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