दाऊ बहुत खिझायौ || सूरदास के पद || भावार्थ सहित KUMAR RAJESH
Автор: Kumar Rajesh
Загружено: 2019-10-20
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मैया मोहि दाऊ बहुत खिझायौ ।
मोसौ कहत मोल कौ लीन्हौ, तू जसुमति कब जायौ ?
कहा करौं इहि रिस के मारैं खेलन हौं नहिं जात ।
पुनि-पुनि कहत कौन है माता को है तेरौ तात ॥
गोरे नंद जसोदा गोरी, तू कत स्यामल गात ।
चुटुकी दै-दै ग्वाल नवावत, हँसत, सबै मुसुकात ॥
तू मोही कौं मारन सीखी, दाउहि कबहुँ न खीझै ।
मोहन-मुख रिस की ये बातैं, जसुमति सुनि-सुनि रीझै ॥
सुनहु कान्ह, बलभद्र चबाई, जनमत ही कौ धूत ।
सूर स्याम मोहि गोधन की सौं, हौं माता तू पूत ॥
दाऊ बहुत खिझायौ || सूरदास के पद || भावार्थ सहित VOICE - KUMAR RAJESH #surdas #daubahutkhijayo Maiya Mohi Dau Bahut Khijayo
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