मृत्यु के समय क्या सोचोगे? गीता अध्याय 8 का कड़वा सत्य | गीता ज्ञान हिंदी |Bhagavad Gita Hindi
Автор: BinkBite
Загружено: 2025-12-26
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भगवद गीता का अध्याय 8 – अक्षर ब्रह्म योग जीवन और मृत्यु के सबसे गहरे सत्य को उजागर करता है।
श्रीकृष्ण बताते हैं कि मृत्यु के समय मनुष्य जो स्मरण करता है, वही उसकी अगली गति तय करता है।
इस वीडियो में आप जानेंगे:
ब्रह्म क्या है और अध्यात्म का वास्तविक अर्थ
मृत्यु के समय स्मरण का नियम
जीवन भर का अभ्यास अंतिम क्षण को कैसे तय करता है
प्रकाश और अंधकार के दो मार्ग
क्यों गीता कहती है कि “अंत सुधारना है तो जीवन सुधारो”
यह वीडियो केवल सुनने के लिए नहीं,
अपने जीवन की दिशा बदलने के लिए है।
🙏 जय श्रीकृष्ण
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