Ravindra Ramayan - Lanka Kand | Part 17 | Ravindra Jain
Автор: Ravindra Jain
Загружено: 2019-02-02
Просмотров: 275026
#ravindraramayan #ravindrajain #Lankakand
"सीता श्रद्धा देश की राम अटल विश्वास।रामायण तुलसी रचित हम तुलसी के दास।"
रवीन्द्र जैन जी द्वारा स्वयं और तुलसी रचित और संगीतबद्ध चोपाईयां घर घर तक रामायण सीरियल के द्वारा पहुंचायी तब रवीन्द्र जैन रचित चोपाईयों को तुलसी रचित चोपाई समझते थे। रवीन्द्र जैन जी ने रामायण को सरल शब्दों में कभी सीरियल कभी नृत्यनाटिका तो कभी चोपाईयों के रूप में अनेकों बार रचा तब हृदय में राम ने कहा रवीन्द्र तुम मुझे कितनी बार अपनी आत्मा की आवाज से पुकारते हो कभी मुझे तुलसी की तरह कलम से शब्दों में निखारो। रवीन्द्र चल पढ़े उस डगर पर और सुंदर सरल सुपावन रवीन्द्र रामायण रच डाली जो आज आपके समक्ष है।
प्रभात प्रकाशन द्वारा रवीन्द्र रामायण को जन जन तक पहुंचाने का बीड़ा उठाया गया और उसे संगीतबद्ध कर श्री द्वारकाधीश किर्येशन के सुभाष गुप्ता जी ने ओडियो और वीडियो के रूप में जन जन तक पहुंचाया। आज आर जे ग्रुप उसी रवीन्द्र रामायण को आपके समक्ष यूट्यूब पर अपलोड करते हुए बहुत हर्ष हो रहा है कि हम रवीन्द्र जैन जी के चाहने वालों की इच्छा पूरी कर रहे हैं।
After years of composing Ramayan and bhajans of Shri Ram, Ravindra Jain in the last decade decided to put pen to paper and write his own Ravindra Ramayan.
We hope you all will enjoy this!
Music Director: Ravindra Jain
Author/Lyricist: Ravindra Jain
Singer: Ravindra Jain
Check out our website: www.reventmanagement.com
Please Like, Share and Subscribe!
Also press the notification bell to get notified about new uploads!
If you have any queries, find us at [email protected]
Follow us on our socials:
FB: / ravindrajainmd
Insta: / ravindra_jain_group
Twitter: / ravindrajain99
Доступные форматы для скачивания:
Скачать видео mp4
-
Информация по загрузке: