4 धाम दर्शन Char Dham of India Bharat Ke Char Dham Four pilgrimage sites in India भारत के चार धाम,
Автор: Nav gyan media
Загружено: 2021-05-30
Просмотров: 6857
#4_DHAM #चार_धाम #भारत_के_चार_धाम #NAVgyanmedia
Kalki Temple, कल्कि अवतार
• Kalki Temple, Know the history of Shri Ka...
Badshah ke sawari, बादशाह मेला, ब्यावर
• Badshah ke sawari, Most Populer BADSHAH M...
Govind DevJi Temple Jaipur | गोविन्द देव जी जयपुर
• Govind DevJi Temple Jaipur | गोविन्द देव ज...
भगवान विष्णु के 24 अवतार, BHAGWAN VISHNU KE 24 AVATARS
• भगवान विष्णु के 24 अवतार, BHAGWAN VISHNU K...
भगवान शिव के 19 अवतार BHAGWAN SHIV KE 19 AVATERS
• 19 Avatars Of Lord Shiva भगवान शिव के 19 अ...
भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग, 12 Jyotirlinga of Lord Shiva
• भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग, 12 Jyotirlin...
भारतीय नव वर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा, Bhartiya Nav Varsh, vikram samvat,
• भारतीय नव वर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा, Bhar...
Maa Durga Ke 9 Roop मां दुर्गा के नौ स्वरूप
• Maa Durga Ke 9 Roop मां दुर्गा के नौ स्वरू...
औषधियों में विराजमान नवदुर्गा, 9 durga's 9 medicine
• औषधियों में विराजमान नवदुर्गा, 9 durga's 9...
9 कन्या 9 देवियां, navratri 9 days kanya poojan
• किस कन्या में भगवान का कौन सा रूप है। 9 कन...
ek Saal Mein Kitni Baar Aate Hain Navratri, नवरात्रि 1 साल में कितने नवरात्रि होते है
• Ek Saal Mein Kitni Baar Aate Hain Navratri...
ashta siddhi kya hai | type of eight siddhi | आठ सिद्धिआ कौन-कौन सी होती है
• ashta siddhi kya hai | type of eight siddh...
9 निधियां का रहस्य nav nidhi ?
• 9 निधियां का रहस्य nav nidhi ? नौ प्रकार ...
Hanuman Chalisa Meaning in Hindi हनुमान चालीसा का हिंदी अर्थ
• Hanuman Chalisa Meaning in Hindi हनुमान चा...
माता सती के 51 शक्तिपीठ 51 Shakti peeth of Mata Sati
• माता सती के 51 शक्तिपीठ 51 Shakti peeth o...
4 धाम दर्शन Char Dham of India Bharat Ke Char Dham
• 4 धाम दर्शन Char Dham of India Bharat Ke C...
सप्त पुरी दर्शन, भारत के प्रसिद्ध 7 मोक्ष प्राप्ति तीर्थस्थल SAPT PURI DARSHAN
• सप्त पुरी दर्शन, भारत के प्रसिद्ध 7 मोक्ष ...
Brahma Mandir Pushkar | ब्रह्मा मंदिर
• Brahma Mandir Pushkar | ब्रह्मा मंदिर | Ra...
char dham kaun kaun se hai, char dham tourism,char dham kaha hai, char dham, char dham rameshwaram
पवित्र चार धाम भारत की चारों दिशाओं में स्थित है उत्तर में बद्रीनाथ, दक्षिण में रामेश्वर, पूर्व में जगन्नाथ पुरी और पश्चिम में द्वारिका। प्राचीन समय से ही ये चार धाम पवित्र तीर्थ के रूप मे हैं, लेकिन इनके महत्व का प्रचार जगत गुरु शंकराचार्य जी ने किया था। इन चारों धाम की यात्रा करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। इन चारों धाम की यात्रा का मतलब है पूरे भारत देश की परिक्रमा। आइये देखते है इन पवित्र चार धाम को।
1. बद्रीनाथ धाम,
उत्तराखंड
बद्रीनाथ धाम उत्तराखंड में अलकनंदा नदी के किनारे नर और नारायण दो पर्वतों के बीच स्थित है। गंगा नदी की मुख्य धारा के किनारे बसा यह तीर्थ स्थल समुद्र तल से 3050 मीटर की उंचाई पर स्थित है। यहां प्रचुर मात्रा में पाई जाने वाली जंगली बेरी यानि बद्री के कारण इस धाम का नाम बद्रीनाथ धाम पड़ा। यह धाम हिमालय के सबसे पुराने तीर्थों में से एक है। यहां भगवान विष्णु का भव्य मंदिर है। मंदिर की स्थापना 9 वी शताब्दी में आदि गुरु शंकराचार्य ने की थी। मंदिर में भगवान बद्रीनाथ की मूर्ति शालीग्राम शिला से बनी चतुर्भज ध्यानमुद्रा में है। यहां नर-नारायण विग्रह की पूजा होती है और अखण्ड दीपक जलता है जो अचल ज्ञान ज्योति का प्रतीक है। यहां मुख्य मूर्ति के साथ अन्य मूर्तियां भी हैं। जिनमें नारायण, उद्ववजी, कुबेर व नारदजी कि मूर्ति प्रमुख है। मंदिर के मुख्य द्वार को सुन्दर चित्रकारी से सजाया गया है। मुख्य द्वार का नाम सिंहद्वार है।
बद्रीनाथ मंदिर के कपाट अप्रैल के आखिरी या मई के शुरुआती दिनों में दर्शन के लिए खोल दिए जाते हैं। लगभग 6 महीने तक पूजा के बाद बर्फबारी होने के कारण नवंबर के दूसरे सप्ताह में मंदिर के पट फिर से बंद कर दिए जाते हैं।
मंदिर के पास ही तप्त कुंड स्थित है जिसमें सालभर गर्म पानी आता है जिसका तापमान लगभग 52 डिग्री सेंटीग्रेड रहता है जबकि बाहर भयंकर ठंड पड़ती है ऐसी मान्यता है कि इस कुंड में स्नान करने पर त्वचा से संबंधित बीमारी ठीक हो जाती हैं।
2. जगन्नाथ पुरी धाम,
उड़ीसा
यह तीर्थ उडीसा राज्य के तटवर्ती शहर पुरी में स्थित है। यहा भगवान विष्णु के श्री कृष्ण अवतार का भव्य मंदिर श्री जगन्नाथ मंदिर है। जगन्नाथ का अर्थ है जगत के स्वामी। मंदिर में तीन मूर्तियां स्थापित है भगवान कृष्ण, उनके भाई बलराम तथा उनकी बहन सुभद्रा। इस मंदिर में केवल हिंदू धर्म के लोग ही प्रवेश कर सकते हैं। इस मंदिर में हर साल भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा का भव्य आयोजन किया जाता है। यहां मुख्य रूप से भात का प्रसाद चढ़ाया जाता है। कलिंग शैली के मंदिर स्थापत्यकला और शिल्प के आश्चर्यजनक प्रयोग से परिपूर्ण, यह मंदिर, भारत के भव्यतम स्मारक स्थलों में से एक है। यह मन्दिर अपने आप में कई रहस्यों को भी समेटे हुए है। जगन्नाथ मंदिर का एक बड़ा आकर्षण यहां की रसोई है। यह रसोई भारत की सबसे बड़ी रसोई के रूप में जानी जाती है।
3.रामेश्वरम धाम,
तमिलनाडु
रामेश्वरम तीर्थ तमिलनाडु के रामनाथपुरम जिले में समुद्र के किनारे स्थित है। यहां बंगाल की खाड़ी और अरब सागर का संगम होता है। यहीं स्थापित है श्री रामनाथस्वामी मंदिर। यहां भगवान शिव का भव्य मन्दिर है। यहाँ पर श्री राम ने रावण से युद्ध करने से पहले भगवान शिव की उपासना की थी और उसी समय ज्योतिर्लिंग की स्थापना की थी। रामेश्वरम 12 ज्योतिर्लिंग में से एक है।
रामेश्वरम मंदिर की दीवारों पर द्रविड़ शैली की भव्य नक्काशी की गई है। रामेश्वरम् का मंदिर भारतीय निर्माण-कला और शिल्पकला का एक सुंदर नमूना है। इसका प्रवेश-द्वार चालीस फीट ऊंचा है। और मंदिर में सैकड़ौ विशाल खंभें है, जो देखने में एक-जैसे लगते है परंतु पास जाकर बारीकी से देखा जाय तो मालूम होगा कि हर खंभे पर बेल-बूटे की अलग-अलग कारीगरी है। इस मंदिर का गलियारा विश्व का सबसे बड़ा गलियारा है। मंदिर के समीप समुद्र मंे आज भी रामसेतु के अवशेष दिखाई देते है।
Доступные форматы для скачивания:
Скачать видео mp4
-
Информация по загрузке: