दस कुंवारियों का दृष्टांत। By Brother Samson Masih
Автор: Samson Masih
Загружено: 2025-12-28
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✨ दृष्टांत का सार
यीशु ने कहा कि स्वर्ग का राज्य उन दस कुंवारियों के समान है, जो अपने-अपने दीपक लेकर दूल्हे से मिलने निकलीं।
उनमें से पाँच बुद्धिमान थीं और पाँच मूर्ख।
बुद्धिमानों ने अपने दीपकों के साथ अतिरिक्त तेल भी रखा।
मूर्खों ने तेल साथ नहीं लिया।
दूल्हे के आने में देर हुई, इसलिए सब ऊँघ गईं और सो गईं। आधी रात को पुकार हुई—“देखो, दूल्हा आ रहा है!”
मूर्खों के दीपक बुझने लगे क्योंकि उनके पास तेल नहीं था।
वे तेल खरीदने चली गईं, और इसी बीच दूल्हा आ गया।
जो तैयार थीं, वे विवाह के भीतर चली गईं और द्वार बंद हो गया।
बाद में आई मूर्ख कुंवारियों से दूल्हे ने कहा, “मैं तुम्हें नहीं जानता।”
📌 आत्मिक शिक्षा
तैयारी का महत्व: प्रभु के आने के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए।
तेल का अर्थ: पवित्र आत्मा, विश्वास, आज्ञाकारिता और सच्चा आत्मिक जीवन।
व्यक्तिगत जिम्मेदारी: कोई भी दूसरे का विश्वास उधार नहीं ले सकता।
समय का अवसर: देर होने पर अवसर हाथ से निकल सकता है।
🕯️ मुख्य संदेश
“इसलिए जागते रहो, क्योंकि तुम न उस दिन को जानते हो और न उस घड़ी को।”
(मत्ती 25:13)
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