गर्भ से ही शिव से संवाद | आत्मा का महाकाल से रहस्यमय संवाद | Shiv Bhajan
Автор: Mantra Shakti Kaulachari-Virendra Bhajan
Загружено: 2025-12-28
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यह भजन “गर्भ से ही शिव से संवाद” आत्मा और परम शिव के उस रहस्यमय संबंध को प्रकट करता है
जो जन्म से पहले ही आरंभ हो जाता है।
यह रचना बताती है कि —
शिव कोई बाहरी सत्ता नहीं,
बल्कि श्वास, मौन, कर्म और चेतना में व्याप्त सत्य हैं।
भजन में गर्भावस्था की पवित्रता,
कर्मों का भार,
महाकाल की शरण,
और अंततः “मैं और शिव एक हैं”
इस अद्वैत भाव को गहराई से प्रस्तुत किया गया है।
🔱 यह भजन ध्यान, साधना, रात्रि-जागरण,
महाशिवरात्रि और आत्मचिंतन के लिए उपयुक्त है।
ॐ नमः शिवाय 🕉️
( • मैय्या आसन मार बैठी: फूलों से सजे भवन का द... )
[@virendraverma-qt3yj]
⚠️ Disclaimer (अस्वीकरण)
यह भजन पूर्णतः आध्यात्मिक, भावनात्मक और काव्यात्मक अभिव्यक्ति है।
इसका उद्देश्य किसी धार्मिक भावना को ठेस पहुँचाना नहीं है।
यह रचना शास्त्रीय या चिकित्सीय दावे नहीं करती,
बल्कि आत्मा और ईश्वर के प्रतीकात्मक संबंध को दर्शाती है।
सभी श्रद्धालुओं और दर्शकों से
इसे भक्ति और ध्यान की भावना से ग्रहण करने का निवेदन है।
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