ॐ भगभवाय विद्महे मृत्यु रूपाय धीमहि तन्नो शनिः प्रचोदयात्॥Shani dev Gayatri mantra 🕉️
Автор: Universe11:11
Загружено: 2026-01-16
Просмотров: 87
ॐ भगभवाय विद्महे मृत्यु रूपाय धीमहि तन्नो शनिः प्रचोदयात् शनि गायत्री मंत्र के 108 बार जाप के अनेक लाभ हैं, जिनमें शनि दोष (Shani Dosh) से मुक्ति, जीवन में शांति, संतुलन और समृद्धि, आध्यात्मिक उन्नति, और मानसिक स्थिरता शामिल हैं, यह मंत्र शनिदेव (Shani Dev) की कृपा दिलाता है और जीवन के कष्टों को कम करने में मदद करता है।
मंत्र का अर्थ:
"हम उस दिव्य शनि देव को जानते हैं, जो मृत्यु के रूप में प्रकट होते हैं। हम उनका ध्यान करते हैं, ताकि वे हमें प्रेरित करें और हमारे जीवन में उचित मार्गदर्शन और आशीर्वाद दें।".
108 बार जाप के फायदे:
शनि दोष निवारण: यह मंत्र शनि देव को प्रसन्न करता है और कुंडली में शनि से संबंधित अशुभ प्रभावों (जैसे साढ़ेसाती या ढैय्या) को शांत करने में सहायक है.
मानसिक शांति और स्थिरता: नियमित जाप से मन शांत होता है, तनाव कम होता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है.
आध्यात्मिक उन्नति: यह व्यक्ति को आध्यात्मिक मार्ग पर आगे बढ़ने और जीवन का सही अर्थ समझने में मदद करता है.
जीवन में संतुलन: जीवन के उतार-चढ़ावों के बीच संतुलन बनाए रखने और सही निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है.
समृद्धि और सौभाग्य: शनिदेव की कृपा से धन-धान्य और सौभाग्य की प्राप्ति होती है.
डर और कष्टों से मुक्ति: शनि देव मृत्यु के देवता भी हैं, इसलिए इस मंत्र का जाप मृत्यु के भय और जीवन के बड़े कष्टों को दूर करता है.
जाप करने का तरीका:
शनिवार का दिन शनि देव के लिए शुभ माना जाता है.
एक शांत और पवित्र स्थान पर बैठकर, स्वच्छ वस्त्र पहनें.
रुद्राक्ष की माला से 108 बार मंत्र का जाप करें, हर शब्द और उसके अर्थ पर ध्यान केंद्रित करें.
Доступные форматы для скачивания:
Скачать видео mp4
-
Информация по загрузке: