सांस ( प्राण) लेना भी औषधि है
Автор: Somvir Shastri
Загружено: 2026-01-01
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सांस ( प्राण) लेना भी औषधि है#fitness #yoga #breathetaking #health #hindi हाँ, साँस (श्वास/प्राण) जीवन का आधार है और शरीर के लिए एक औषधि की तरह है क्योंकि यह शरीर में ऊर्जा (प्राण) का संचार करती है, जो सभी शारीरिक और मानसिक कार्यों के लिए ज़रूरी है; योग और आयुर्वेद में इसे जीवन शक्ति (Life Force) माना गया है, जो स्वस्थ रहने और बीमारियों से लड़ने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है.
साँस (प्राण) और औषधि
जीवन का सार: प्राण वह ऊर्जा है जो श्वास के साथ शरीर में प्रवेश करती है और जीवन को बनाए रखती है.
शारीरिक कार्य: सही साँस लेने से शरीर के अंगों को ऑक्सीजन मिलती है, जिससे वे ठीक से काम करते हैं.
मानसिक शांति: गहरी और धीमी साँस लेने (प्राणायाम) से तनाव कम होता है और मन शांत रहता है.
रोगों से बचाव: अच्छी साँस लेने की आदतें प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करती हैं और कई बीमारियों से बचाती हैं.
कैसे यह एक औषधि है?
ऑक्सीजन की आपूर्ति: साँस के ज़रिए फेफड़े ऑक्सीजन लेते हैं, जो रक्त में मिलकर पूरे शरीर में ऊर्जा पहुँचाती है, ठीक वैसे ही जैसे कोई दवा काम करती है.
तनाव मुक्ति: तनाव या चिंता होने पर साँस तेज हो जाती है, गहरी साँस लेने से शरीर को आराम मिलता है, जैसे किसी दवा से मिलता है.
योग और प्राणायाम: योग में साँस को नियंत्रित करने (प्राणायाम) से स्वास्थ्य सुधरता है, जो इसे एक प्राकृतिक औषधि बनाता है.
संक्षेप में, साँस सिर्फ एक क्रिया नहीं, बल्कि जीवनदायिनी शक्ति (प्राण) है, जो शरीर को स्वस्थ और सक्रिय रखने के लिए औषधि के समान कार्य करती है.
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