Популярное

Музыка Кино и Анимация Автомобили Животные Спорт Путешествия Игры Юмор

Интересные видео

2025 Сериалы Трейлеры Новости Как сделать Видеоуроки Diy своими руками

Топ запросов

смотреть а4 schoolboy runaway турецкий сериал смотреть мультфильмы эдисон
dTub
Скачать

नर्मदा परिक्रमा के समय शौच, स्नान की पवित्रता एवं दिनचर्या के संयम नियम । श्री नीलम बाबा

Автор: BrajSe

Загружено: 2025-10-27

Просмотров: 8179

Описание:

नर्मदा परिक्रमा के समय शौच, स्नान की पवित्रता एवं दिनचर्या के संयम नियम । श्री नीलम बाबा

#narmada
#narmadaparikrama
#brajse

श्री जंगल वाली माता आश्रम
झाँसीघाट, श्रीधाम (गोटेगाँव)
ज़िला - नरसिंहपुर (मप्र)

नर्मदा नदी मध्य प्रदेश और गुजरात की जीवन रेखा है, परंतु इसका अधिकतर भाग मध्यप्रदेश में ही बहता है।

मध्यप्रदेश के तीर्थ स्थल अमरकंटक से इसका उद्गम होता है और नेमावर नगर में इसका नाभि स्थल है। फिर ओंकारेश्वर होते हुए ये नदी गुजरात में प्रवेश करके खम्भात की खाड़ी में इसका विलय हो जाता है।

नर्मदा नदी के तट पर कई प्राचीन तीर्थ और नगर हैं। हिन्दू पुराणों में इसे रेवा नदी कहते हैं। इसकी परिक्रमा का बहुत ही ज्यादा महत्व है।

नर्मदा का उद्गम स्थल : अमरकंटक में कोटितार्थ मां नर्मदा का उद्गम स्थल है। यहां सफेद रंग के लगभग 34 मंदिर हैं। यहां नर्मदा उद्गम कुंड है, जहां से नर्मदा नदी का उद्गम है जहां से नर्मदा प्रवाहमान होती है।

मंदिर परिसरों में सूर्य, लक्ष्मी, शिव, गणेश, विष्णु आदि देवी-देवताओं के मंदिर है। समुद्रतल से अमरकंटक 3600 फीट की ऊंचाई पर स्थित अमरकंटक को नदियों की जननी कहा जाता है।

यहां से लगभग पांच नदियों का उद्गम होता है जिसमें नर्मदा नदी, सोन नदी और जोहिला नदी प्रमुख है। नर्मदा की कुल 41 सहायक नदियां हैं। उत्तरी तट से 19 और दक्षिणी तट से 22। नर्मदा बेसिन का जलग्रहण क्षेत्र एक लाख वर्ग किलोमीटर है।

यह देश के भौगोलिक क्षेत्रफल का तीन और मध्य प्रदेश के क्षेत्रफल का 28 प्रतिशत है। नर्मदा की आठ सहायक नदियां 125 किलोमीटर से लंबी हैं। मसलन- हिरन 188, बंजर 183 और बुढ़नेर 177 किलोमीटर।

मगर लंबी सहित डेब, गोई, कारम, चोरल, बेदा जैसी कई मध्यम नदियों का हाल भी गंभीर है। सहायक नदियों के जलग्रहण क्षेत्र में जंगलों की बेतहाशा कटाई से ये नर्मदा में मिलने के पहले ही धार खो रही हैं।

नर्मदा यात्रा कब : नर्मदा परिक्रमा या यात्रा दो तरह से होती है। पहला हर माह नर्मदा पंचक्रोशी यात्रा होती है और दूरे नर्मदा की परिक्रमा होती है। प्रत्येक माह होने वाली पंचक्रोशी यात्रा की तिथि कैलेंडर में दी हुई होती है। यह यात्रा तीर्थ नगरी अमरकंटक, ओंकारेश्वर और उज्जैन से प्रारंभ होती है। जहां से प्रारंभ होती है वहीं पर समाप्त होती है।


नर्मदा तट के तीर्थ : वैसे तो नर्मदा के तट पर बहुत सारे तीर्थ स्थित है लेकिन यहां कुछ प्रमुख तीर्थों की लिस्ट। अमरकंटक, मंडला (राजा सहस्रबाहु ने यही नर्मदा को रोका था), भेड़ा-घाट, होशंगाबाद (यहां प्राचीन नर्मदापुर नगर था), नेमावर, ॐकारेश्वर, मंडलेश्वर, महेश्वर, शुक्लेश्वर, बावन गजा, शूलपाणी, गरुड़ेश्वर, शुक्रतीर्थ, अंकतेश्वर, कर्नाली, चांदोद, शुकेश्वर, व्यासतीर्थ, अनसूयामाई तप स्थल, कंजेठा शकुंतला पुत्र भरत स्थल, सीनोर, अंगारेश्वर, धायड़ी कुंड और अंत में भृगु-कच्छ अथवा भृगु-तीर्थ (भडूच) और विमलेश्वर महादेव तीर्थ।

क्यों : रहस्य और रोमांच से भरी यह यात्रा बहुत ही महत्वपूर्ण होती है। पुराणों में इस नदी पर एक अलग ही रेवाखंड नाम से विस्तार में उल्लेख मिलता है। हिन्दू धर्म में परिक्रमा का बड़ा महत्त्व है। परिक्रमा से अभिप्राय है कि सामान्य स्थान या किसी व्यक्ति के चारों ओर उसकी बाहिनी तरफ से घूमना।

इसको 'प्रदक्षिणा करना' भी कहते हैं, जो षोडशोपचार पूजा का एक अंग है। नर्मदा परिक्रमा या यात्रा एक धार्मिक यात्रा है। जिसने भी नर्मदा या गंगा में से किसी एक की परिक्रमा पूरी कर ली उसने अपनी जिंदगी का सबसे बड़ा काम कर लिया।

उसने मरने से पहले वह सब कुछ जान लिया, जो वह यात्रा नहीं करके जिंदगी में कभी नहीं जान पाता। नर्मदा की परिक्रमा का ही ज्यादा महत्व रहा है। नर्मदाजी की प्रदक्षिणा यात्रा में एक ओर जहां रहस्य, रोमांच और खतरे हैं वहीं अनुभवों का भंडार भी है।

इस यात्रा के बाद आपकी जिंदगी बदल जाएगी। कुछ लोग कहते हैं कि यदि अच्छे से नर्मदाजी की परिक्रमा की जाए तो नर्मदाजी की परिक्रमा 3 वर्ष 3 माह और 13 दिनों में पूर्ण होती है, परंतु कुछ लोग इसे 108 दिनों में भी पूरी करते हैं।

परिक्रमावासी लगभग 1,312 किलोमीटर के दोनों तटों पर निरंतर पैदल चलते हुए परिक्रमा करते हैं। श्रीनर्मदा प्रदक्षिणा की जानकारी हेतु तीर्थस्थलों पर कई पुस्तिकाएं मिलती हैं।

नर्मदाजी वैराग्य की अधिष्ठात्री मूर्तिमान स्वरूप है। गंगाजी ज्ञान की, यमुनाजी भक्ति की, ब्रह्मपुत्रा तेज की, गोदावरी ऐश्वर्य की, कृष्णा कामना की और सरस्वतीजी विवेक के प्रतिष्ठान के लिए संसार में आई हैं। सारा संसार इनकी निर्मलता और ओजस्विता व मांगलिक भाव के कारण आदर करता है व श्रद्धा से पूजन करता है।

मानव जीवन में जल का विशेष महत्व होता है। यही महत्व जीवन को स्वार्थ, परमार्थ से जोडता है। प्रकृति और मानव का गहरा संबंध है। यह नदी विश्व की पहली ऐसी नदी है जो अन्य नदियों की अपेक्षा विपरीत दिशा में बहती है।

नर्मदा परिक्रमा के समय शौच, स्नान की पवित्रता एवं दिनचर्या के संयम नियम । श्री नीलम बाबा

Поделиться в:

Доступные форматы для скачивания:

Скачать видео mp4

  • Информация по загрузке:

Скачать аудио mp3

Похожие видео

माताएँ एवं बहनें नर्मदा परिक्रमा कैसे करें । दो बार पैदल परिक्रमा कर चुकीं साध्वी राधिका जी से जानें

माताएँ एवं बहनें नर्मदा परिक्रमा कैसे करें । दो बार पैदल परिक्रमा कर चुकीं साध्वी राधिका जी से जानें

नर्मदा परिक्रमा 2025Day 25 धनेश्वर महादेव मंदिर रामपुरा से संत ज्ञानेश्वर मॉ नर्मदा सेवा आश्रम जियोर

नर्मदा परिक्रमा 2025Day 25 धनेश्वर महादेव मंदिर रामपुरा से संत ज्ञानेश्वर मॉ नर्मदा सेवा आश्रम जियोर

मां नर्मदा के तट आंवली घाट पर धड़ाधड़ी आश्रम शिवालय मठ में बाबा जी के साथ भोजन प्रसाद। ।।भाग-१।।

मां नर्मदा के तट आंवली घाट पर धड़ाधड़ी आश्रम शिवालय मठ में बाबा जी के साथ भोजन प्रसाद। ।।भाग-१।।

नर्मदा परिक्रमा दिवस 26-27 |गोरा कॉलोनी से मंगलोल, नागांव दर्शन | मंगलेश्वर,व्यासेश्वर,वैद्यनाथेश्वर

नर्मदा परिक्रमा दिवस 26-27 |गोरा कॉलोनी से मंगलोल, नागांव दर्शन | मंगलेश्वर,व्यासेश्वर,वैद्यनाथेश्वर

नर्मदा परिक्रमा मोरकट्टा से लखन गिरी आश्रम शूलपानी झाड़ी कठिन मार्ग  #yatra

नर्मदा परिक्रमा मोरकट्टा से लखन गिरी आश्रम शूलपानी झाड़ी कठिन मार्ग #yatra

‘लिव इन रिलेशन’ वाले विवाद पर साध्वी राधिका दीदी ने बताया ‘गंदगी’ के असली गटर का पता

‘लिव इन रिलेशन’ वाले विवाद पर साध्वी राधिका दीदी ने बताया ‘गंदगी’ के असली गटर का पता

नर्मदा जी की परिक्रमा के बाद बदल गई कम्पनी के CEO की जिंदगी | Ehasas Prakrati Ka

नर्मदा जी की परिक्रमा के बाद बदल गई कम्पनी के CEO की जिंदगी | Ehasas Prakrati Ka

Narmada parikrama | Day 14 | भादल से खप्परमाल | महाराष्ट्र में प्रवेश

Narmada parikrama | Day 14 | भादल से खप्परमाल | महाराष्ट्र में प्रवेश

Amarkantak मां नर्मदा की साधना करने वाले संत जिन्हें होती है साक्षात अनुभूति #guru_gyan_gaurav

Amarkantak मां नर्मदा की साधना करने वाले संत जिन्हें होती है साक्षात अनुभूति #guru_gyan_gaurav

Ep 85 राम नगर से मार्कण्डेय आश्रम से सूर्य कुण्ड तक||Narmda Parikrama||#narmadaparikrama

Ep 85 राम नगर से मार्कण्डेय आश्रम से सूर्य कुण्ड तक||Narmda Parikrama||#narmadaparikrama

तीन बार पैदल परिक्रमा कर चुके युवा संत से जानिये नर्मदा परिक्रमा क्यों, कब और कैसे करें

तीन बार पैदल परिक्रमा कर चुके युवा संत से जानिये नर्मदा परिक्रमा क्यों, कब और कैसे करें

नर्मदा परिक्रमा दिवस 23–24 | शूलपानी झाड़ी से मोल्गी, मोकस होते हुए माथासर तक की दिव्य यात्रा |

नर्मदा परिक्रमा दिवस 23–24 | शूलपानी झाड़ी से मोल्गी, मोकस होते हुए माथासर तक की दिव्य यात्रा |

नर्मदा परिक्रमा 2025Day 28 बेलेश्वर आनंद आश्रम ओरी से दगडु महाराज आश्रम असा #narmadaparikramavlogs

नर्मदा परिक्रमा 2025Day 28 बेलेश्वर आनंद आश्रम ओरी से दगडु महाराज आश्रम असा #narmadaparikramavlogs

इंजीनियरिंग दंपत्ति दुनिया की सुविधाएं छोड़कर, मां नर्मदा के तट पर बड़े प्रेम भाव से भोजन कराते हैं

इंजीनियरिंग दंपत्ति दुनिया की सुविधाएं छोड़कर, मां नर्मदा के तट पर बड़े प्रेम भाव से भोजन कराते हैं

माँ नर्मदा परिक्रमा दिवस 28वा मंगलेश्वर ते दारोली 37किमी दि३१/१०/२०२५

माँ नर्मदा परिक्रमा दिवस 28वा मंगलेश्वर ते दारोली 37किमी दि३१/१०/२०२५

महाशिवरात्रि विशेष अमरकंटक ।। श्री दादागुरु ।। 28 माह से निराहार ।। Narmada Parikrama. Amarakntak

महाशिवरात्रि विशेष अमरकंटक ।। श्री दादागुरु ।। 28 माह से निराहार ।। Narmada Parikrama. Amarakntak

वाल्मिकी जी का निवास स्थान, नर्मदा जी आये मिलने Day–113,Part-1 #नर्मदा #ramramindia #hindu

वाल्मिकी जी का निवास स्थान, नर्मदा जी आये मिलने Day–113,Part-1 #नर्मदा #ramramindia #hindu

नर्मदा परिक्रमा के अनजाने रहस्य । vlog narmada parikrama 2025 @Manmathbhaktiofficial

नर्मदा परिक्रमा के अनजाने रहस्य । vlog narmada parikrama 2025 @Manmathbhaktiofficial

नर्मदा परिक्रमा प्रथम दिवस का विस्तृत चलचित्र | Narmada parikrama (Day - 01) | jungle marg

नर्मदा परिक्रमा प्रथम दिवस का विस्तृत चलचित्र | Narmada parikrama (Day - 01) | jungle marg

एक माता पिता से जन्मे भाई-बहन बने नर्मदा जी के संत । पवित्र एवं सुंदर साधना स्थली के दर्शन

एक माता पिता से जन्मे भाई-बहन बने नर्मदा जी के संत । पवित्र एवं सुंदर साधना स्थली के दर्शन

© 2025 dtub. Все права защищены.



  • Контакты
  • О нас
  • Политика конфиденциальности



Контакты для правообладателей: [email protected]