Nathdwara Tourist Places l Dwarkadhish Mandir kakroli Rajsamand l Charbhuja l Rajasthan tourism l
Автор: VISHAL SINGH
Загружено: 2024-10-13
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Nathdwara Tourist Places l Dwarkadhish Mandir kakroli Rajsamand l Charbhuja l Rajasthan tourism l
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नाथद्वारा श्रीनाथजी मंदिर, राजसमंद में स्थित द्वारकाधीश मंदिर (कांकरोली), और गढ़बोर में स्थित चारभुजा मंदिर राजस्थान के प्रमुख धार्मिक स्थल हैं, जो वैष्णव संप्रदाय से जुड़े हैं। इन तीनों मंदिरों की अपनी अनूठी धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान है। चलिए इनके बारे में विस्तार से जानते हैं:
1. नाथद्वारा श्रीनाथजी मंदिर:
स्थान: नाथद्वारा, उदयपुर जिले के पास।
भगवान: भगवान श्रीकृष्ण का बाल रूप 'श्रीनाथजी'।
महत्व: यह मंदिर वल्लभ संप्रदाय (पुष्टिमार्ग) के अनुयायियों के लिए एक महत्वपूर्ण तीर्थस्थल है। श्रीनाथजी की मूर्ति मूल रूप से गोवर्धन पर्वत के पास मथुरा में थी, लेकिन मुगल आक्रमण के दौरान इसे सुरक्षित स्थान पर लाने के लिए नाथद्वारा में स्थापित किया गया।
विशेषता: मंदिर में श्रीकृष्ण की 7 वर्ष की बाल मुद्रा की पूजा की जाती है, जहां वे बाएं हाथ से गोवर्धन पर्वत उठाए हुए हैं। नाथद्वारा मंदिर का वास्तुशिल्प और यहां की धार्मिक प्रक्रिया पर्यटकों और भक्तों को अत्यधिक आकर्षित करती है। यहां प्रतिदिन 8 बार अलग-अलग समय पर आरती होती है और हर आरती के दौरान भगवान को नए वस्त्र और आभूषण धारण कराए जाते हैं।
2. कांकरोली द्वारकाधीश मंदिर:
स्थान: कांकरोली, राजसमंद जिले में।
भगवान: भगवान कृष्ण का द्वारकाधीश रूप।
महत्व: यह मंदिर वल्लभ संप्रदाय से संबंधित है और इसे द्वारका के प्रसिद्ध मंदिर का रूप माना जाता है। इस मंदिर में भगवान कृष्ण की मूर्ति मूल रूप से द्वारका से लाई गई है।
विशेषता: कांकरोली का द्वारकाधीश मंदिर राजसमंद झील के किनारे स्थित है, जो मंदिर को और भी आकर्षक बनाता है। यहां भी विशेष धार्मिक आयोजन और त्योहार मनाए जाते हैं, खासकर जन्माष्टमी और अन्य वैष्णव पर्व। मंदिर का वास्तुशिल्प, झील का मनोहारी दृश्य और भक्तों का उत्साह इसे एक प्रमुख तीर्थ स्थल बनाते हैं।
3. चारभुजा मंदिर (गढ़बोर):
स्थान: गढ़बोर, राजसमंद जिले के पास।
भगवान: भगवान विष्णु का चारभुजाधारी रूप।
महत्व: चारभुजा मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है, जहां वे चार हाथों वाले रूप में विराजमान हैं। यह मंदिर बहुत प्राचीन है और इसे विष्णु के विभिन्न रूपों की पूजा के लिए जाना जाता है।
विशेषता: मंदिर की मूर्ति चार हाथों वाली है, जिनमें भगवान शंख, चक्र, गदा और पद्म धारण किए हुए हैं। इस मंदिर का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व है, और हर साल हजारों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं। मंदिर के पास में हर साल बड़ा मेला भी लगता है, जो भक्तों और पर्यटकों को आकर्षित करता है।
समग्र दृष्टि:
ये तीनों मंदिर राजस्थान की धार्मिक धरोहर का अभिन्न हिस्सा हैं और विशेष रूप से वैष्णव संप्रदाय के अनुयायियों के लिए महत्वपूर्ण हैं। नाथद्वारा के श्रीनाथजी का बाल रूप, कांकरोली के द्वारकाधीश का राजा रूप और गढ़बोर के चारभुजा का विष्णु रूप, तीनों भगवान श्रीकृष्ण और विष्णु के विभिन्न रूपों की पूजा-अर्चना का केंद्र हैं।
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