उत्तर रामायण - EP 21 - लवणासुर का वध। मधुरा की प्रजा में सूर्यवंशी राज स्थापना की प्रसन्नता।
Автор: Ramayan
Загружено: 2024-12-13
Просмотров: 918631
Uttar Ramayan - Episode 21 - Killing of Lavanasura | The happiness of establishing suryavanshi rule in the people of Madhura.
शत्रुघ्न च्यवन ऋषि द्वारा बतायी रणनीति पर अमल करते हैं। वह अपनी सेना नौकाओं के द्वारा रात के अन्धेरे में नदी पार ले जाते हैं। अगली सुबह लवणासुर सदैव की भाँति शिव त्रिशूल की आराधना करता है और अपने निरामिष भोजन की व्यवस्था के लिये शिकार पर जाने की तैयारी करता है। उसकी पत्नी उसे ऋषि के श्राप की याद दिलाती है और बुरे शकुन मिलने की बात कहकर नगर से बाहर जाने से रोकती है। लवणासुर कहता है कि आर्य राजाओं को दैवीय शक्तियाँ दिलाने में ऋषि मुनि सहायता करते हैं। तभी उसके मामा रावण ने राक्षसों के निष्कंटक राज के लिये ऋषियों मुनियों का नाश करने की सीख दी थी। लवणासुर शिकार के लिये निकलता है। शत्रुघ्न घात लगाकर उसपर हमला करते हैं। लवणासुर की सहायता के लिये उसके सैनिक भागते आते हैं किन्तु शत्रुघ्न बाण चलाकर दुर्ग के द्वार के समक्ष अग्नि की दीवार खड़ी कर देते हैं और असुर सेना का रास्ता रोक देते हैं। लवणासुर पूजा के बहाने महल में अपना त्रिशूल लेने जाना चाहता है किन्तु शत्रुघ्न उसे युद्धभूमि में ही पूजा कर लेने को कहते हैं। दोनों के बीच युद्ध प्रारम्भ होता है। लवणासुर के कुछ बाण शत्रुघ्न को परेशान करते हैं। तब वह श्रीराम के दिये अमोघ बाण का आवाहन करके लवणासुर का अन्त कर देते हैं। मधुरा नगरी में सूर्य पताका फहराती है। नगरवासी झूमते गाते अपने नये राजा रिपुसूदन यानि शत्रुघ्न का स्वागत अभिनन्दनॅ करते हैं। शत्रुघ्न राजमहल में प्रवेश करते हैं और लवणासुर की रानी को बन्दी बनाने के बजाय उन्हें कहीं भी जा बसने की स्वतन्त्रता देते हैं। शत्रुघ्न भगवान शिव के त्रिशूल के दर्शन करना चाहते हैं किन्तु असुर रानी उन्हें बताती है कि लवणासुर के प्राण निकलते ही त्रिशूल अन्तर्ध्यान हो चुका है। तब शत्रुघ्न उस स्थान की आराधना करते हैं जहाँ त्रिशूल स्थापित था।
उत्तर रामायण में लव कुश की कहानी को दर्शाया गया है। जिसमें माँ सीता को श्री राम त्याग देते हैं और माँ सीता महाऋषि वाल्मीकि के आश्रम में जाकर रहने लगती हैं। माँ सीता वहाँ लव कुश को जन्म देती हैं। लव कुश उसी आश्रम में बड़े होते हैं और गुरु वाल्मीकि से शिक्षा दीक्षा लेते हैं। कैसे लव कुश श्री राम और माँ सीता को मिलाते हैं देखे सम्पूर्ण उत्तर रामायण के सभी एपिसोड सिर्फ़ तिलक YouTube चैनल पर।
रामायण एक भारतीय टेलीविजन श्रृंखला है जो इसी नाम के प्राचीन भारतीय संस्कृत महाकाव्य पर आधारित है। यह श्रृंखला मूल रूप से 1987 और 1988 के बीच दूरदर्शन पर प्रसारित हुई थी।
इस श्रृंखला के निर्माण, लेखन और निर्देशन का श्रेय श्री रामानंद सागर को जाता है। यह श्रृंखला मुख्य रूप से वाल्मीकि रचित 'रामायण' और तुलसीदास रचित 'रामचरितमानस' पर आधारित है।
निर्माता और निर्देशक - रामानंद सागर
सहयोगी निर्देशक - आनंद सागर, मोती सागर
कार्यकारी निर्माता - सुभाष सागर, प्रेम सागर
मुख्य तकनीकी सलाहकार - ज्योति सागर
पटकथा और संवाद - रामानंद सागर
संगीत - रविंद्र जैन
शीर्षक गीत - जयदेव
अनुसंधान और अनुकूलन - फनी मजूमदार, विष्णु मेहरोत्रा
संपादक - सुभाष सहगल
कैमरामैन - अजीत नाइक
प्रकाश - राम मडिक्कर
साउंड रिकॉर्डिस्ट - श्रीपाद, ई रुद्र
वीडियो रिकॉर्डिस्ट - शरद मुक्न्नवार
In association with Divo - our YouTube Partner
#uttarramayan #uttarramayanyoutube #uttarramayanfullepisode #fullepsiode
Доступные форматы для скачивания:
Скачать видео mp4
-
Информация по загрузке: