Diwali Special: Shree Ram Chandra Kripalu Bhajman with Lyrics | Ram Stuti (classical) | Bhakt Raman
Автор: Bhakti Bhajan Marg
Загружено: 2025-10-19
Просмотров: 1039
🪔 दिवाली के इस पावन अवसर पर, प्रस्तुत है "श्री राम चंद्र कृपालु भजमन", एक दिव्य राम स्तुति, शुद्ध भारतीय शास्त्रीय गायन शैली में।
On the auspicious occasion of Diwali, immerse yourself in the divine melody of "Shree Ram Chandra Kripalu Bhajman," presented in a pure Indian Classical style. This soulful rendition by Bhakt Raman is a perfect addition to your Diwali celebrations and morning prayers.
यह भजन, जो गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित है, भगवान श्री राम के गुणों का बखान करता है। हमने इस स्तुति को शास्त्रीय संगीत के सुरों में पिरोकर आप तक पहुँचाने का एक प्रयास किया है। हमें आशा है कि यह भजन आपके मन को शांति और भक्ति से भर देगा।
This is a lyrical video, so you can sing along and connect deeply with the divine words.
🙏 अगर आपको यह राम भजन पसंद आए, तो कृपया वीडियो को Like करें, अपने परिवार और मित्रों के साथ Share करें, और हमारे चैनल Bhakt Raman को Subscribe करना न भूलें।
कमेंट में "जय श्री राम" (Jai Shree Ram) अवश्य लिखें!
About This Bhajan (इस भजन के बारे में):
Song: Shree Ram Chandra Kripalu Bhajman (श्री राम चंद्र कृपालु भजमन)
Style: Ram Stuti / Ram Bhajan
Genre: Indian Classical Vocal / शास्त्रीय संगीत
Occasion: Diwali Special / दीपावली विशेष
Channel: Bhakt Raman
Lyrics (भजन के बोल):
श्री राम चंद्र कृपालु भजमन हरण भाव भय दारुणम्।
नवकंज लोचन कंज मुखकर, कंज पद कन्जारुणम्।।
कंदर्प अगणित अमित छवी नव नील नीरज सुन्दरम्।
पट्पीत मानहु तडित रूचि शुचि नौमी जनक सुतावरम्।।
भजु दीन बंधु दिनेश दानव दैत्य वंश निकंदनम्।
रघुनंद आनंद कंद कौशल चंद दशरथ नन्दनम्।।
सिर मुकुट कुण्डल तिलक चारु उदारू अंग विभूषणं।
आजानु भुज शर चाप धर संग्राम जित खर-धूषणं।।
इति वदति तुलसीदास शंकर शेष मुनि मन रंजनम्।
मम ह्रदय कुंज निवास कुरु कामादी खल दल गंजनम्।।
मनु जाहिं राचेऊ मिलिहि सो बरु सहज सुंदर सावरों।
करुना निधान सुजान सिलू सनेहू जानत रावरो।।
एही भांती गौरी असीस सुनी सिय सहित हिय हरषी अली।
तुलसी भवानी पूजि पूनी पूनी मुदित मन मंदिर चली।।
जानि गौरी अनुकूल सिय हिय हरषु न जाइ कहि।
मंजुल मंगल मूल वाम अंग फरकन लगे।।
श्री राम चंद्र कृपालु भजमन हरण भाव भय दारुणम्।
नवकंज लोचन कंज मुखकर, कंज पद कन्जारुणम्।।
Hashtags: #RamStuti #ShreeRamChandraKripaluBhajman #RamBhajan #DiwaliSong #IndianClassicalMusic #BhaktiSong #BhaktRaman #LyricalVideo #श्रीराम #happydiwali #shubhdeepawali
Доступные форматы для скачивания:
Скачать видео mp4
-
Информация по загрузке: