मोह के दलदल से बाहर निकलने का मार्ग | गीता अध्याय 2, श्लोक 52
Автор: GYAN SANGRAH
Загружено: 2026-01-06
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मोह के दलदल से बाहर निकलने का मार्ग | गीता अध्याय 2, श्लोक 52
Description (विवरण)
"श्रीमद्भगवद्गीता के दूसरे अध्याय के 52वें श्लोक में भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को बताया है कि जब मनुष्य की बुद्धि मोह (अज्ञान) के दलदल को पार कर जाती है, तो वह सांसारिक सुखों और सुनी-सुनाई बातों के प्रति वैराग्य प्राप्त कर लेता है।
इस वीडियो/पोस्ट में हम जानेंगे:
मोह का दलदल (Moha Kalilam) क्या है?
बुद्धि को शुद्ध कैसे करें?
आत्मज्ञान प्राप्त होने पर सांसारिक आकर्षण क्यों खत्म हो जाते हैं?
यह श्लोक हमें सिखाता है कि सत्य की खोज में बाहरी शोर से ऊपर उठकर अपनी अंतरात्मा को पहचानना क्यों जरूरी है।"
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