गेहूं में एक गलती और 20% नुकसान! सही समय पर पानी और खाद डालना सीखें
Автор: खेती क्रांति
Загружено: 2026-01-01
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नमस्कार किसान भाइयों
इस वीडियो में गेहूं की फसल में सिंचाई और खाद प्रबंधन की वैज्ञानिक जानकारी दी गई है, जिससे किसान कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकें। गेहूं की पहली सिंचाई बुवाई के 20–25 दिन बाद क्राउन रूट इनिशिएशन (CRI) अवस्था में करना बहुत जरूरी होता है, क्योंकि इसी समय जड़ों का विकास होता है; इसके बाद दूसरी सिंचाई 40–45 दिन पर टिलरिंग अवस्था में, तीसरी 60–65 दिन पर गांठ बनने की अवस्था में, चौथी 80–85 दिन पर बाल निकलते समय और आवश्यकता अनुसार दाना भरने की अवस्था में सिंचाई की जाती है। खाद प्रबंधन की बात करें तो सामान्य भूमि के लिए प्रति एकड़ लगभग 45–50 किलोग्राम यूरिया, 55–60 किलोग्राम एस एस पी तथा 15–20 किलोग्राम पोटाश संतुलित मात्रा में देना चाहिए, जिसमें पूरी फास्फोरस और पोटाश तथा आधी नाइट्रोजन बुवाई के समय और शेष नाइट्रोजन पहली व दूसरी सिंचाई के साथ देना अधिक लाभदायक होता है। सही समय पर पानी और संतुलित खाद देने से पौधों की बढ़वार अच्छी होती है, दाने भारी बनते हैं और गेहूं की उपज में उल्लेखनीय वृद्धि होती है।
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