बुरा समय और संघर्ष – श्रीकृष्ण के उपदेश
Автор: REAL TALK 2.0
Загружено: 2025-12-26
Просмотров: 133
बुरा समय और संघर्ष
जब मनुष्य के जीवन में बुरा समय आता है, तब सबसे पहले उसका मन टूटता है। आशाएँ धुंधली पड़ने लगती हैं, आत्मविश्वास डगमगाने लगता है और हर दिशा अंधकारमय प्रतीत होती है। ऐसे समय में यदि कोई मार्गदर्शन सबसे अधिक सार्थक और शाश्वत है, तो वह है श्रीकृष्ण का उपदेश। श्रीकृष्ण कहते हैं कि जीवन में दुख और संघर्ष कोई दंड नहीं, बल्कि आत्मा को परिपक्व करने की प्रक्रिया हैं। जैसे सोने को अग्नि में तपाकर शुद्ध किया जाता है, वैसे ही मनुष्य को कठिनाइयों में तपाकर मजबूत बनाया जाता है।
श्रीकृष्ण गीता में कहते हैं कि सुख और दुख दोनों ही क्षणिक हैं। वे आते हैं और चले जाते हैं। जो मनुष्य दुख में विचलित नहीं होता और सुख में अहंकार से नहीं भरता, वही वास्तव में स्थिर बुद्धि वाला कहलाता है। बुरा समय हमें यह सिखाने आता है कि हम बाहरी परिस्थितियों पर नहीं, बल्कि अपने कर्म और दृष्टि पर ध्यान दें। परिस्थितियाँ हमारे वश में नहीं होतीं, लेकिन उन पर हमारी प्रतिक्रिया हमारे हाथ में होती है।
संघर्ष के समय श्रीकृष्ण का सबसे बड़ा संदेश है — कर्म करो, फल की चिंता छोड़ दो। जब मनुष्य परिणाम के
#bhagavadgita #geet #bhagwatkatha
Доступные форматы для скачивания:
Скачать видео mp4
-
Информация по загрузке: