अपने मन को कैसे नियंत्रित करें
Автор: REAL TALK 2.0
Загружено: 2025-12-29
Просмотров: 68
मनुष्य का सबसे बड़ा मित्र भी मन हैऔर सबसे बड़ा शत्रु भी। श्रीमद्भगवद्गीता में अर्जुन स्वयं श्रीकृष्ण से स्वीकार करते हैं कि मन को नियंत्रित करना वायु को पकड़ने जैसा कठिन है। तब श्रीकृष्ण गहरे प्रेम और करुणा से समझाते हैं कि मन को जीतना असंभव नहीं, बस सही दृष्टि, अभ्यास और वैराग्य की आवश्यकता है। मन नियंत्रण का अर्थ मन को दबाना नहीं, बल्कि उसे सही दिशा देना है—जहाँ वह भय, लोभ और भ्रम से मुक्त होकर कर्तव्य, शांति और सत्य की ओर बढ़े।
श्रीकृष्ण कहते हैं कि मन स्वभाव से चंचल है, वह कभी भूत में ले जाता है, कभी भविष्य की चिंता में डुबो देता है। जो व्यक्ति हर स
मय “क्या होगा?” और “क्या था?” में उलझा रहता है, वह वर्तमान की शक्ति खो देता है। इसलिए पहला सूत्र है—वर्तमान में जीना। जब मन भटकता है, उसे कोमलता से वर्तमान कर्म पर लौटाओ। यही योग है—कर्म करते हुए मन को कर्म में स्थिर रखना।
मन को नियंत्रित करने का दूसरा मार्ग है—अभ्यास (अभ्यास योग)। जैसे नदी पत्थर पर गिरते-गिरते अपना रास्ता बना लेती है
#bhagavadgita #geet #geetasaar
Доступные форматы для скачивания:
Скачать видео mp4
-
Информация по загрузке: