बुंदेली जेवणार जहॉं चूल्हे और कंडे की आग में बने भारतीय व्यंजन पाने आते हैं देश विदेश से लोग
Автор: BrajSe
Загружено: 2025-03-18
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बुंदेली जेवणार जहॉं चूल्हे और कंडे की आग में बने भारतीय व्यंजन पाने आते हैं देश विदेश से लोग
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जीविका आश्रम
मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर से लगभग ३० किलोमीटर की दूरी पर, विन्ध्य पर्वत श्रृंखला की सुरम्य वादियों में, जबलपुर जिले की ही मझौली तहसील में, तीन ओर पर्वतों से घिरे हुए इन्द्राना गाँव की एक छोटी सी भूमि में स्थापित जीविका आश्रम, प्रकृति की गोद में प्राकृतिक सौन्दर्य से परिपूर्ण एक सुरम्य स्थान है ।
जीविका आश्रम एक प्रयास है, भारतीयता के बचे हुए बीज़ों को संग्रहित करने का और बीज-संकलन के कार्य से थोड़ा सा आगे जाकर बीज-संरक्षण एवं इन बीजों से एक पौध-शाला निर्माण करने का, जो कि बीज-संरक्षण के कार्य को ही आगे ले जाएगा।
यह आश्रम अपने ग्रामीण अंचलों की अनूठी जीवनशैली के व्यवस्था-जनित बीजों के संकलन एवं संवर्धन में लगा हुआ है। व्यवस्था जनित जीवनशैली, इसके सिद्धान्तों की खोज, उनका अध्ययन एवं शोध इसका प्रमुख उद्देश्य है।
यह आश्रम, व्यक्तिगत, पारिवारिक एवं सामाजिक जीवन में वैकल्पिक भारतीय-ग्रामीण-जीवनशैली के विभिन्न पहलुओं पर वृहत प्रयोगधर्मी पहल है।
आदरणीय स्वर्गीय श्री रवीन्द्र शर्मा, गुरुजी एवं उनके द्वारा आदिलाबाद, तेलंगाना में स्थापित कला-आश्रम से प्रेरित, यह जीविका आश्रम, सन 2017 में अस्तित्व में आया। बसन्त पञ्चमी के अवसर पर उन्होंने इसकी वास्तु-शान्ति कराई, और इसमें प्रवेश कराया।
जीविका आश्रम, ग्रामीण कारीगरों और कलाकारों के विशेष सन्दर्भ में, परम्परागत सांस्कृतिक अनुभवों और आधुनिकता की तथाकथित आवश्यकताओं के बीच की खाई पाटने के प्रयास में भी लगा है।
यह समाज में कारीगरी-आधारित जीवनशैली का पक्षधर है, एवं उसे समाज में लागू करने में अपने ढंग से कार्यरत है। इस संदर्भ में यह आसपास के क्षेत्र के कारीगरों, कलाकारों एवं कई अन्य समुदायों के साथ काम करता है।
आश्रम परिसर में स्थानीय क्षेत्र की कई अनूठी और विलक्षण कलाकृतियों से युक्त एक संग्रहालय, अपने विषय से संबंधित पुस्तकालय, कारीगरों के कार्य करने के लिए कार्यशालाएँ, एक प्रार्थना स्थल, आगन्तुकों के निवास हेतु डोरमेट्री, बैठक हॉल, आदि है। आश्रम की संरचना और सम्पूर्ण दर्शन, स्थानीय परम्पराओं और स्थानीय कौशल में रचा-बसा है।
आश्रम, स्थानीय शिल्प, कला परम्पराओं एवं कलाकृतियों का अनूठा भण्डार है। प्राचीन वास्तु और शिल्प में रची-बसी इसकी बनावट इसकी खूबसूरती को और भी अधिक बढ़ाती है।
मप्र में जबलपुर के निकट विष्णु वराह का मंदिर भक्तों के लिये एक प्रमुख दर्शनीय स्थल है। नर्मदा नदी का भेड़ाघाट धुँआधार जल प्रपात देखने और संगमरमर की सुंदर पहाड़ियों में नौका विहार फ़िल्म बनाने वालों के लिये भी एक प्रमुख पर्यटन स्थल है।
जीविका आश्रम भी जबलपुर और मप्र आने वाले पर्यटकों के लिये अच्छा केंद्र है। यहाँ प्रकृति की समृद्धि तो है ही,अपने मन को शांति और सुकून देने के लिये बहुत प्यारा वातावरण है।
बाँस, प्राकृतिक घास, मिट्टी आदि के फर्श और गोबर के लेपन से बना प्रार्थना, ध्यान, सभा स्थली प्रमुख आकर्षणों में से है। यहाँ आने वाले लोगों को संध्या के समय होने वाली प्रार्थना में सम्मिलित होने का अवसर मिलता है।
Address: Jeevika Ashram, Opp Barra Dham, Shankar Garh, Indrana, Teh Majhauli, Distt. Jabalpur (MP), Phone : 9425325659, 7999336299, Contact Person: Shri Ashish Gupta
Web: www.amraigramstay.in
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