#पूंजीवाद
Автор: VIPLAVI THOUGHTS /विपल्लवी विचार
Загружено: 2026-01-13
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पूंजीवाद के आगोश में समाता दुनिया। गिरफ्त में लेना चाहता है आनन्दमार्ग को!!
🌷👊एकता की ओर बढ़ते कदम One DMS 👌
“A world being engulfed by capitalism. It wants to pull Anandamarga into its grip!!”
PART06
*बदलती विश्व-व्यवस्था में पूंजीवाद का चरम अवस्था दिखाई दे रहा है,जिसका मुख्य नायक अमेरिका और रुस है,जिनका स्पष्ट नीति है अमेरिका फर्स्ट (American first) अर्थात दुनिया के समस्त भौतिक संपदा पर पहला अधिकार अमेरिकन का है। दूसरी ओर रुस और चीन भी उसी शाही अंदाज में परदेशी शेर की तरह अमेरिका से दो-दो हाथ करने के फिराक में हैं।अब बताओ भाई! एक ही जंगल में एक से अधिक शेर हो जाएं तो अंतिम परिणति महाविनाश तय है न।यही होनेवाला है*। *दरअसल पूंजीवाद का सिद्धांत ही है कि एक प्रतिशत लोग के हाथ में भौतिक संपदा रहे,बाकी गुलाम बनकर रहें। अनवरत शोषण चलता रहे।इसी शोषण के पंक से साम्यवाद का जन्म हुआ,जिसका अंत कब का हो गया, क्योंकि कीचड़ से निकलने वाले पौधों की आयु बहुत कम होती है।अभी पूंजीवाद अकेला शेर बना फिर रहा है।
*दूसरा शेरों का शेर प्रउत आ धमका है जंगल में,जिसका नायक है आनन्दमार्ग*।
*प्रउत के शिर्ष पर धर्मचक्र का नियंत्रण है। इसीलिए अपना कार्य विवेकपूर्ण ढंग से कर रहा है। दुनिया के नैतिकवादियों को एक मंच पर लाने का शांतिपूर्ण मुहिम चला रहा है*।
*दूसरी ओर पूंजीवाद जिस पर धर्मध्वजा का कोई नियंत्रण नहीं है, अमेरिका और रुस के नेतृत्व में अंतिम सांस गिन रहा है*।
*श्री श्री आनन्दमूर्ति जी के द्वारा इस बार महाविश्व की स्थापना के संकल्प में धर्म-अधर्म युद्ध का परावधान नहीं है।अधर्म-से-अधर्म का युद्ध प्रस्तावित है,ऐसा दिखाई भी दे रहा है*।
*धर्म की पुनर्स्थापना में प्रउत की अहम् भूमिका है। अर्थात धर्म स्थापना का ब्रह्मास्त्र(सुदर्शन चक्र) प्रउत है।इसका पूर्ण ऐहसास पूंजीवाद को है। अतः प्रउत के संरक्षक आनन्दमार्ग को विध्वंस करने के लिए पूंजीवाद के खुफिया एजेंसियां गुपचुप तरीके से घुसकर खोखला कर रहीं हैं*।
*संकीर्ण सेंटिमेंट का सहारा लेकर आनन्दमार्ग को कयी समूहों में विभक्त करना। सन्यासियों को भौतिक सुख-सुविधाओं में फंसाकर उनका आचरण में गिरावट लाना,उनसे अनैतिक कार्य करवाना, फिर उन्हें ब्लैकमेल करना। अनैतिक आचरण के विरुद्ध आवाज उठानेवालों को प्रताड़ित करना।समाज आंदोलन को खत्म करने के लिए गलत दिशा में मोड़ देना(समाज को राजनीतिक दल बनाना), प्रउत प्रणेता श्री प्रभात रंजन सरकार का नाम हटाना, लोगों को केवल कीर्तन, डीएम एस, सेमिनार में उलझकर रखना(जैसा कि बाकी मजहबों के ठेकेदार करते हैं), आनन्दमार्ग के ग्लोबल हेडक्वार्टर आनन्दनगर को नज़रंदाज़ करना,दो पुरोधा प्रमुख बनाना,केस-फौजदारी में संस्था को उलझाकर बहुमूल्य समय तथा धन बर्बाद करना।ये जो समस्त कार्य हैं न,उनका एकमात्र उद्देश्य है किसी भी किमत में प्रउत धरातल पर न उतरे*।
*दुनिया के नैतिकवादी जाग रहे हैं और एक मंच पर आ रहे हैं।One DMS का संग्राम तथा कलकत्ता एवं रांची एडमिनिस्ट्रेशन के विरुद्ध कोर्ट में Intervene(हस्तक्षेप) याचिका दायर करना उसी का एक अंग है*।
*समस्त आनन्दमार्गी भाई-बहनों से आग्रह है कि One DMS को सपोर्ट करें। क्योंकि One DMS मार्गीय एकता को सुदृढ़ करता है*।
बाबा की अहैतुकी कृपा से
✍️ मनोज कुमार प्राउटिस्ट*✍️
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