प्रेमानंद जी महाराज के प्रवचनों के अनुसार,"भयंकर कलयुग कैसा होगा?"
Автор: भक्ति 📿ज्ञान📿
Загружено: 2026-01-04
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बुद्धि और विवेक का नाश
महाराज जी कहते हैं कि कलयुग में मनुष्य की बुद्धि 'मलिन' (गंदी) हो जाएगी। सही और गलत का अंतर खत्म हो जाएगा। लोग अधर्म को ही धर्म मानने लगेंगे। जो व्यक्ति छल-कपट करेगा, उसे चतुर माना जाएगा और जो सत्य बोलेगा, उसे मूर्ख समझा जाएगा।
2. संबंधों में पवित्रता का अंत
कलयुग का सबसे भयंकर रूप परिवार में दिखेगा। स्वार्थ इतना बढ़ जाएगा कि पिता-पुत्र, भाई-बहन के रिश्तों में प्रेम की जगह केवल पैसे और संपत्ति का लालच होगा। महाराज जी कहते हैं कि लोग बाहरी दिखावे में डूबे रहेंगे, पर घर के बुजुर्गों का अनादर करेंगे।
3. खान-पान और व्यभिचार
भयंकर कलयुग में मनुष्य अपनी इंद्रियों का दास बन जाएगा। मांस, मदिरा (शराब) और पराई स्त्रियों के प्रति आकर्षण बढ़ेगा। खान-पान की अशुद्धि के कारण लोगों के विचार हिंसक और कामुक हो जाएंगे।
4. धर्म का केवल दिखावा
महाराज जी सचेत करते हैं कि कलयुग में तिलक, कंठी और वेशभूषा तो धार्मिक होगी, लेकिन हृदय में भक्ति नहीं होगी। लोग धर्म का उपयोग धन कमाने और प्रसिद्धि पाने के लिए करेंगे। सच्चे संतों की पहचान मुश्किल हो जाएगी।
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